नयी दिल्ली, 16 सितंबर कुछ राज्यों में बारिश फिर से शुरू होने से धान की बुवाई के रकबे की कमी अब घटकर 4.52 प्रतिशत या 399.03 लाख हेक्टेयर रह गई है। हालांकि, झारखंड में धान की बुवाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। शुक्रवार को जारी कृषि मंत्रालय के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।
आंकड़ों से पता चलता है कि झारखंड में धान की बुवाई इस खरीफ सत्र में अबतक आधा घटकर 8.25 लाख हेक्टेयर रह गई है, जो एक साल पहले की समान अवधि में 17.62 लाख हेक्टेयर थी।
धान मुख्य खरीफ फसल है, जिसकी बुवाई जून से दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत के साथ शुरू होती है। धान की बुवाई अब लगभग समाप्त हो चुकी है। फसल की कटाई अक्टूबर से की जाएगी।
भारत के कुल उत्पादन का लगभग 80 प्रतिशत इसी मौसम से आता है। सरकार को पिछले सप्ताह तक फसल की स्थिति के आधार पर खरीफ चावल के उत्पादन में 60-70 लाख टन की गिरावट का अनुमान है।
मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक चालू खरीफ सत्र में 12 अगस्त तक धान बुआई के रकबे में 12.39 प्रतिशत की कमी थी।
हालांकि, धान बुवाई का रकबे की कमी घटकर 4.52 प्रतिशत यानी 399.03 लाख हेक्टेयर रह गयी है। एक साल पहले की इसी अवधि में यह रकबा 417.93 लाख हेक्टेयर था।
पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बिहार में धान बुवाई के रकबे में कमी पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में कम हुई है।
आंकड़ों के मुताबिक, इस खरीफ सत्र में अब तक दलहन की बुवाई का रकबा मामूली कमी के साथ 131.92 लाख हेक्टेयर रह गया है, जबकि एक साल पहले यह 137.50 लाख हेक्टेयर था।
तिलहन की बुवाई 192.23 लाख हेक्टेयर के मुकाबले घटकर 190.91 लाख हेक्टेयर रह गई है।
हालांकि, चालू खरीफ सत्र में अबतक मोटे अनाज की बुवाई का रकबा 181.31 लाख हेक्टेयर है, जो पहले 174.05 लाख हेक्टेयर था।
नकदी फसलों में गन्ने का रकबा 54.97 लाख हेक्टेयर से मामूली बढ़कर 55.65 लाख हेक्टेयर हो गया है जबकि कपास का रकबा 118.24 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 127.15 लाख हेक्टेयर हो गया है
आंकड़ों से पता चलता है कि उक्त अवधि में 6.95 लाख हेक्टेयर में जूट एवं मेस्टा बोया गया था।
इस खरीफ सत्र में अबतक खरीफ फसलों की बुवाई का कुल रकबा घटकर 1,092.92 लाख हेक्टेयर रह गया है, जो एक साल पहले इसी अवधि में 1,101.87 लाख हेक्टेयर था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY