देश की खबरें | लोक शिकायतों का समाधान, भविष्य के लिहाज से लोक सेवक तैयार करना कार्मिक मंत्रालय की रही प्राथमिकताएं

नयी दिल्ली, 29 दिसंबर लोक शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रयासों में तेजी, भविष्य के लिहाज से सिविल सेवकों को तैयार करने के लिए एक कार्यक्रम और उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करने वाले सरकारी कर्मचारियों की पड़ताल इस वर्ष कार्मिक मंत्रालय की प्राथमिकता रहीं।

साथ ही मंत्रालय भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति तय करते समय राज्य सरकारों के मुकाबले उसे अधिक शक्ति प्रदान करके सशक्त बनाने के लिए मौजूदा सेवा नियमों में संशोधन करने के अपने निर्णय के लिए भी सुर्खियों में रहा।

इसने सरकारी कार्यालयों में पुरानी फाइल, इस्तेमाल से हटायी गई वस्तुओं और निर्माण सामग्री आदि को हटाने के लिए स्वच्छता अभियान भी चलाया। दो से 31 अक्टूबर तक चलाए गए इस सफाई अभियान के दौरान विभाग को कबाड़ के निपटारे से 365.59 करोड़ रुपये का राजस्व मिला और 89.47 वर्ग फुट स्थान साफ हो गया।

इसके अलावा सीपीजीआरएएमएस पर की गई जन शिकायतों के समाधान के लिए समयसीमा को 45 दिनों से घटाकर अधिकतम 30 दिन किया।

केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) एक ऑनलाइन पोर्टल है जो लोगों को केंद्रीय और राज्य सरकार के विभागों के खिलाफ शिकायत करने की अनुमति देता है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 30 नवंबर 2022 तक सभी मंत्रालयों और विभागों को 18,19,104 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 15,68,097 का निवारण किया गया।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने 2022 में कार्मिक मंत्रालय की उपलब्धियों पर बात करते हुए पीटीआई- से कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने क्षमता निर्माण और शिकायत निवारण के लिए प्रौद्योगिकी-संचालित उद्देश्य और वैज्ञानिक तरीकों की शुरुआत की है, जैसे मिशन कर्मयोगी और सीपीजीआरएएमएस पोर्टल।

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