देश की खबरें | राज्यसभा पैनल के बैठक समय में सुधार, महामारी के कारण उपस्थिति घटी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, दो नवम्बर राज्यसभा की विभागों से जुड़ी आठ संसदीय स्थायी समितियों (डीआरएससी) के कामकाज में 2019-20 में सुधार आया है, जो पिछले तीन वर्षों में बेहतर प्रदर्शन है। यह जानकारी सोमवार को अधिकारियों ने दी।

सूत्रों के मुताबिक, 2019-20 में हर समिति की औसतन बैठक दो घंटे दस मिनट हुई जो पहली बार दो घंटे से अधिक है।

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उन्होंने कहा कि यह 2018-19 की तुलना में 55 फीसदी से अधिक सुधार है और पिछले दो वर्षों के औसत की तुलना में 25 फीसदी की बढ़ोतरी है। 2017-18 के दौरान औसत समय एक घंटा 51 मिनट रहा और 2018-19 में यह समय एक घंटा 25 मिनट रहा।

इन आठ समितियों की कुल 117 बैठक की औसत उपस्थिति 2019-20 में 49.20 फीसदी रही, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे अच्छी थी। अधिकारियों ने बताया कि 2019-20 के पूर्वार्द्ध में औसत उपस्थिति 50.73 फीसदी थी।

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बहरहाल, महामारी के दौरान 2019-20 के उत्तरार्द्ध में यह घटकर 41.15 फीसदी हो गई। बहरहाल, महामारी के दौरान समिति की बैठक औसतन दो घंटे 23 मिनट रही।

राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू के निर्देश पर सचिवालय ने पिछले तीन वर्षों के कामकाज की समीक्षा की है। वह इन समितियों के कामकाज की नियमित समीक्षा करते रहे हैं और इन समितियों के अध्यक्षों से कुछ चिंताएं भी जाहिर करते रहे हैं।

आवश्यक कोरम के अभाव में होने वाली बैठकों की संख्या इस वर्ष घटकर 10 फीसदी रह गई है, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे कम है।

इन समितियों की इस वर्ष कुल बैठक की अवधि 254 घंटा 27 मिनट रही, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे अधिक है। 2017-20 के दौरान ऊपरी सदन की आठ समितियों की कुल 300 बैठक हुईं जो 571 घंटे 22 मिनट से ज्यादा समय तक चली।

वर्ष 2019-20 में गृह मंत्रालय की समिति की सबसे अधिक 47 घंटे 27 मिनट बैठक चली, उसके बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की समिति की 42 घंटे 22 मिनट बैठक रही और मानव संसाधन विकास मंत्रालय की समिति की बैठक 40 घंटे 44 मिनट चली।

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