जयपुर, 31 जनवरी राजस्थान सरकार विधानसभा के मौजूदा बजट सत्र में विधिविरुद्ध धर्म-संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक, 2025 भी पेश करेगी। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने शुक्रवार को अपने अभिभाषण में यह जानकारी दी।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में सत्र में पेश किए जाने वाले विधायी और वित्तीय कार्यों की सूची पढ़ी। उन्होंने कहा, ‘‘इस सत्र में निम्नांकित विधायी कार्य के साथ-साथ अन्य विधायी और वित्तीय कार्य सम्पादन हेतु आपके समक्ष विचारार्थ रखे जाएंगे... राजस्थान माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025, भरतपुर विकास प्राधिकरण विधेयक 2025, बीकानेर विकास प्राधिकरण विधेयक 2025 तथा राजस्थान विधिविरुद्ध धर्म-संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक, 2025।’’
हालांकि, उन्होंने अपने संबोधन में इसके बारे में विस्तार से नहीं बताया।
उल्लेखनीय है कि 30 नवंबर को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई थी जिसमें जबरन धर्म परिवर्तन रोकने के लिए विधेयक के मसौदे को मंजूरी दी गई थी। तब संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने संवाददाताओं को बताया था कि विधेयक आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा।
उन्होंने बताया था, "सरकार ने राज्य में जबरन धर्म परिवर्तन रोकने के लिए आगामी विधानसभा सत्र में विधेयक लाने का फैसला किया है। विधेयक में एक साल से लेकर दस साल तक की सजा का प्रावधान है, जिसमें किसी व्यक्ति या समूह का जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर जुर्माना लगाया जा सकता है।"
उन्होंने कहा था कि विधेयक में यह भी प्रावधान किया गया है कि अगर कोई धर्म परिवर्तन करना चाहता है तो उसे धर्म परिवर्तन से 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को आवेदन देना होगा। उन्होंने कहा था कि "जिला कलेक्टर जांच करेंगे और तय करेंगे कि यह जबरन धर्म परिवर्तन है या स्वेच्छा से।"
मंत्री ने कहा था कि यदि जिला कलेक्टर को लगता है कि धर्म परिवर्तन जबरदस्ती या किसी प्रलोभन में नहीं किया गया है, तो आवेदक को अनुमति दे दी जाएगी।
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