गुवाहाटी, एक फरवरी असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की केंद्रीय बजट पर टिप्पणी को ‘राजनीति से प्रेरित’ करार दिया और कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के बारे में उनका ‘ज्ञान शून्य’ है।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शर्मा ने ‘60 साल के शासन’ के दौरान कर छूट की सीमा नहीं बढ़ाने के लिए कांग्रेस की आलोचना की।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस को केंद्रीय बजट की बिल्कुल भी आलोचना नहीं करनी चाहिए। उन्हें पता होना चाहिए कि उन्होंने मध्यम वर्ग के लोगों को कितनी राहत दी है। 60 साल के शासन के बाद, उन्होंने 5 लाख रुपये तक की राहत भी नहीं दी।’’
शर्मा ने बताया कि केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान आयकर छूट की सीमा 3 लाख रुपये तक पहुंच गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने निम्न से लेकर उच्च मध्यम वर्ग तक सभी को राहत दी। उन्होंने राज्यों को अधिक कर हस्तांतरण भी आवंटित किया है। इस बजट में सभी के लिए कुछ न कुछ है।’’
असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने शुरुआत में कर छूट की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये और फिर बाद के बजटों में 7 लाख रुपये कर दी।
उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी की टिप्पणियां राजनीति से प्रेरित हैं। इससे पता चलता है कि राहुल को देश की अर्थव्यवस्था के बारे में बिल्कुल भी जानकारी नहीं है।’’
शर्मा ने यह भी कहा कि असम को अगले वित्त वर्ष में केंद्र से कर हस्तांतरण के रूप में 44,500 करोड़ रुपये मिलेंगे, जो चालू वित्त वर्ष में 40,000 करोड़ रुपये से अधिक है।
राहुल गांधी ने केंद्रीय बजट को ‘गोली के घावों पर मरहम’ करार देते हुए कहा कि केंद्र ‘विचारों के मामले में दिवालिया’ है। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘गोली के घावों पर मरहम! वैश्विक अनिश्चितता के बीच, हमारे आर्थिक संकट को हल करने के लिए एक आदर्श बदलाव की आवश्यकता है।’’
शर्मा ने यह भी दावा किया कि केंद्र 25-26 फरवरी को होने वाले ‘एडवांटेज असम 2.0 शिखर सम्मेलन’ से पहले इस पूर्वोत्तर राज्य को लाभ पहुंचाने के लिए लगभग 5-6 नीतिगत उपायों की घोषणा करेगा।
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