देश की खबरें | विशेषाधिकार हनन मामले में राज्यसभा की समिति के समक्ष पेश हुए राघव चड्ढा

नयी दिल्ली, 28 नवंबर आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा मंगलवार को राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति के समक्ष पेश हुए और इस दौरान उन्होंने सार्वजनिक रूप से की गई उन टिप्पणियों पर अपना पक्ष रखा, जिसके लिए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन की शिकायत की गई है।

समझा जाता है कि चड्ढा ने समिति के समक्ष माफी भी मांगी और सदस्यों से कहा कि उन्होंने इस मामले को लेकर राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ से भी मुलाकात की थी।

सूत्रों ने बताया कि चड्ढा संसद भवन परिसर में हुई समिति की बैठक के दौरान उसके समक्ष आए लेकिन शिकायत पर अभी तक कोई फैसला नहीं किया गया है।

राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति आप नेता राघव चड्ढा सहित कुछ सांसदों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की शिकायत की जांच कर रही है। समिति संजय सिंह और डेरेक ओ ब्रायन के खिलाफ शिकायतों की भी जांच कर रही है।

सूत्रों ने बताया कि समिति ने चड्ढा से सात नवंबर तक रिपोर्ट मांगी है। चड्ढा और सिंह दोनों फिलहाल सदन से निलंबित हैं।

चड्ढा 11 अगस्त से निलंबित हैं क्योंकि कुछ सांसदों, जिनमें से अधिकांश सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हैं, ने उन पर उनकी सहमति के बिना एक प्रस्ताव में उनके नाम जोड़ने का आरोप लगाया था।

प्रस्ताव में विवादास्पद दिल्ली सेवा विधेयक की जांच के लिए प्रवर समिति के गठन की मांग की गई थी।

समिति की बैठक आप नेता द्वारा उनके निलंबन के खिलाफ दायर मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा कुछ टिप्पणियां किए जाने के बाद हुई।

शीर्ष अदालत ने चड्ढा से कहा है कि वह प्रवर समिति के मुद्दे पर राज्यसभा के सभापति धनखड़ से बिना शर्त माफी मांगें और उम्मीद जताई कि धनखड़ इस मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेंगे।

प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने अटार्नी जनरल आर वेंकटरमणी से कहा था कि वह दिवाली की छुट्टियों के बाद इस मामले में हुए घटनाक्रम से उसे अवगत कराएं।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि सांसद को इस मुद्दे पर बिना शर्त माफी मांगने के लिए राज्यसभा के सभापति से मिलना होगा। अदालत ने कहा कि उपराष्ट्रपति इस पूरे मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर सकते हैं और इस संबंध में आगे कदम उठा सकते हैं।

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