मुंबई, तीन दिसंबर रबी (जाड़े की फसल) बुआई पिछले विपणन वर्ष की तुलना में इस वर्ष लगभग दो प्रतिशत अधिक होने की संभावना है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
क्रिसिल रेटिंग्स ने एक रिपोर्ट में कहा है कि 27 नवंबर तक पहले से ही रबी फसल की बुवाई 348 लाख हेक्टेयर (हेक्टेयर) में हो चुकी थी, जो पिछले पूरे सत्र में हुई बुवाई की तुलना में चार प्रतिशत अधिक है तथा पिछले पांच वर्षो के बुवाई के औसत से दो प्रतिशत अधिक है।
यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जरुरी खबर, सरकार ने महंगाई भत्ते को लेकर बताई ये बात.
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल रबी की बुआई में भरपूर बरसात देखी गई जो सामान्य मानसून के मुकाबले नौ प्रतिशत अधिक थी और जिसके कारण मिट्टी में अधिक नमी थी और पिछले पांच वर्षो के औसत की तुलना में जलाशय में पानी का स्तर 19 प्रतिशत अधिक है।
इसमें कहा गया है कि खरीफ फसलों की समय पर कटाई के कारण समय पर रबी फसलों की बुआई सुनिश्चित हुई।
यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: पेंशनर्स आसानी से उठा सकते है इस डोरस्टेप सर्विस का लाभ, यहां जानिए पूरा प्रॉसेस.
रिपोर्ट में कहा गया है हम मौजूदा रबी बुवाई (विपणन वर्ष, या जनवरी-दिसंबर 2021) के, पिछले विपणन वर्ष के 662 लाख हेक्टेयर की तुलना में 2 प्रतिशत अधिक होने की उम्मीद करते हैं।’’
हालांकि, चक्रवात निवार के बाद, दिसंबर के पहले सप्ताह में तमिलनाडु में एक और समुद्री तूफान 'बुरेवी’ के आने की आशंका है, जो यदि गंभीर हुआ तो राज्य में चल रही दलहन की रबी बुवाई को नुकसान पहुंच सकता है।
राजेश
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)











QuickLY