चंडीगढ़, 19 अक्टूबर पंजाब सरकार ने एक साल की खातिर एक विमान किराए पर लेने के लिए निविदा जारी की है और इसका इस्तेमाल ‘वीआईपी’ आवाजाही के लिए होगा। विपक्ष ने सरकार के इस कदम की तीखी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि इसका मकसद आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविंद केजरीवाल की यात्रा को सुगम बनाना है।
फिलहाल पंजाब सरकार के पास हेलीकॉप्टर है। एक अधिकारी ने बताया कि सरकार एक साल के लिए एक विमान ‘लीज’ पर लेना चाहती है।
राज्य के नागरिक उड्डयन विभाग ने एक निविदा जारी करते हुए कहा है कि वह आर्थिक रूप से मजबूत ‘एयर चार्टर’ सेवा प्रदाताओं से एक साल के लिए एक डसॉल्ट फाल्कन 2000 विमान किराए पर लेना चाहता है।
निविदा के अनुसार, विमान में कम से कम आठ से 10 यात्रियों के बैठने की क्षमता होनी चाहिए और इसे चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संचालित करने की आवश्यकता होगी।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सरकार के इस कदम पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य नकदी की कमी से जूझ रहा है और वह एक विमान किराए पर लेने पर विचार कर रही है।
उन्होंने सवाल किया, "भगवंत मान सरकार को ‘फिक्स्ड विंग’ विमान किराए पर लेने की तत्काल क्या आवश्यकता थी, जबकि पंजाब के पास पहले से ही एक बेल हेलीकॉप्टर है।"
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, "मुझे लगता है कि यह विचार भगवंत मान के राजनीतिक गुरु अरविंद केजरीवाल की ओर से आया है। चूंकि इस तरह के विमान में 10 यात्री आसानी से बैठ सकते हैं, इसलिए लगता है कि केजरीवाल अपनी राजनीतिक यात्राओं के लिए इसका इस्तेमाल करना चाहते हैं।"
शिरोमणि अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा ने भी सरकार पर हमला बोला। चीमा ने यहां एक बयान में कहा कि यह चौंकाने वाली बात है कि पंजाब सरकार केजरीवाल और उनके दल की सुविधा के लिए करोड़ों रुपये बर्बाद करने को तैयार है।
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