जम्मू, छह जून डोगरा और कश्मीरी पंडितों ने (कश्मीर) घाटी में अल्पसंख्यकों की लक्षित हत्याओं के मद्देनजर कश्मीर में तैनात दोनों समुदायों के कर्मचारियों का यहां तबादला किए जाने की मांग को लेकर अपना प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रखा।
डोगरा कर्मचारी "ऑल जम्मू-बेस्ड रिजर्व कैटेगरी एम्प्लॉइज एसोसिएशन" के बैनर तले छठे दिन यहां पनामा चौक पर एकत्र हुए और अपना तबादला घाटी से जम्मू क्षेत्र के अपने गृह जिलों में किए जाने की अपनी मांग को लेकर धरना दिया।
ये कर्मचारी अपनी सहयोगी रजनी बाला की हत्या के बाद जम्मू लौटे हैं। आतंकवादियों ने सांबा जिले की निवासी बाला की दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के एक स्कूल में 31 मई को गोली मारकर हत्या कर दी थी।
प्रेम नाथ भट्ट मेमोरियल ट्रस्ट से जुड़े प्रवासी कश्मीरी पंडितों के एक समूह ने अपने सहयोगी राहुल भट्ट की हत्या के बाद घाटी में हड़ताल कर रहे कर्मचारियों के समर्थन में यहां प्रेस क्लब में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और मांग की कि सरकार को ‘पीएम पैकेज’ कर्मचारियों की मांगों को मान लेना चाहिए और घाटी में सुरक्षा स्थिति सुधरने तक उन्हें अस्थायी रूप से जम्मू स्थानांतरित कर देना चाहिए।
एक प्रदर्शनकारी ने दावा किया, "अधिकतर कर्मचारी पहले ही कश्मीर से वापस लौट चुके हैं और वे गंभीर स्थिति को देखते हुए वापस जाने के इच्छुक नहीं हैं। सरकार ने 10 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों को जम्मू स्थानांतरित कर दिया है, जो भारतीय जनता पार्टी नेताओं के करीबी रिश्तेदार हैं।’’
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