देश की खबरें | फ्रांस में फेलोशिप अवकाश के लिए प्रोफेसर की अर्जी: अदालत ने जेएनयू से जवाब मांगा
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 25 अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय (जेएनयू) से उसके एक प्रोफेसर की उस अर्जी पर जवाब मांगा है जिसमें उन्होंने एक फ्रांसीसी शोध संस्थान द्वारा पेश नौ महीने की फेलोशिप के लिए अवकाश के अपने अनुरोध को खारिज किये जाने को चुनौती दी है।

न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने विश्वविद्यालय को नोटिस जारी किया और प्रोफेसर की उस याचिका पर सात सितम्बर तक जवाब मांगा जिसमें उन्होंने फेलोशिप के लिए अवकाश मांगा है।

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20 अगस्त का यह आदेश जेएनयू में अंग्रेजी अध्ययन विभाग के प्रोफेसर उदय कुमार की एक याचिका पर आया। कुमार ने अपनी उक्त अर्जी में एक अक्टूबर, 2020 से 30 जून, 2021 तक नौ महीने के बिना वेतन के असाधारण अवकाश (ईओएल) के लिए 21 जनवरी, 2020 की तिथि वाली अपनी अर्जी खारिज करने के विश्वविद्यालय के कार्यकारी परिषद के 18 फरवरी के फैसले को चुनौती दी थी।

अधिवक्ता अभिक चिमनी के जरिये दायर अपनी याचिका में, कुमार ने साथ ही तीन मार्च, 12 जून और सात जुलाई के जेएनयू के पत्रों को दरकिनार करने की भी मांग की है जिसके जरिये नौ महीने के ईओएल के उनके अनुरोधों को कथित तौर पर बिना कारण बताये खारिज किया गया है।

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उन्होंने अपनी दलील में कहा है कि उन्हें अक्टूबर 2020 से नौ महीने की अवधि के लिए फ्रांस के नैनटेस इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडी में फेलोशिप की पेशकश की गई है, जो एक शोध संस्थान है।

कुमार ने दलील दी कि पिछले चार वर्षों में उन्होंने एक भी ईओएल का लाभ नहीं उठाया है और अपने पूरे कैरियर में उन्होंने केवल दो ईओएल ली हैं।

उन्होंने विश्वविद्यालय को यह निर्देश देने का अनुरोध किया है कि वह उनके ईओएल की अर्जी पर पुनर्विचार करे और प्रदान करे।

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