नयी दिल्ली, 24 अगस्त चंद्रमा की सतह पर बुधवार को सफल ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने वाले इसरो के चंद्रयान-3 अंतरिक्षयान के विकास में अनेक निजी कंपनियों का योगदान रहा है।
कंपनियों की सूची और उनका योगदान:
-- टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड (टीसीई) ने अंतरिक्ष मिशन के सफल प्रक्षेपण के लिए अद्वितीय और स्वदेशी रूप से निर्मित महत्वपूर्ण प्रणालियों और उप-प्रणालियों का निर्माण किया। टीसीई ने ठोस प्रणोदक संयंत्र, यान संयोजन भवन और मोबाइल लॉन्च पेडस्टल का निर्माण किया।
-- लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ने भारत के चंद्र मिशन, चंद्रयान-3 के लिए विभिन्न घटकों की आपूर्ति की है। कंपनी ने बताया कि ‘मध्य खंड और नोजल बकेट फ्लैंज’ जैसे घटकों का निर्माण पवई में उसके केंद्र में किया गया था, जबकि भूमि और उड़ान अंबिलिकल प्लेट का उत्पादन कोयंबटूर में उसके एयरोस्पेस विनिर्माण संयंत्र में किया गया था।
-- वालचंदनगर इंडस्ट्रीज ने चंद्र मिशन यान के घटकों, पहले चरण के बूस्टर और 80 फुट ऊंचे और 12 फुट से अधिक व्यास वाले ‘फ्लेक्स नोजल कंट्रोल टैंक’ का निर्माण किया।
-- गोदरेज एंड बॉयस ने इसरो के सबसे भारी लांचर एलएमवी3 (लॉन्च व्हीकल मार्क 3) पर मुख्य चरण के लिए एल110 इंजन और ऊपरी चरण के लिए सीई20 इंजन थ्रस्ट चैंबर के निर्माण में योगदान दिया है।
-- सेंटम इलेक्ट्रॉनिक्स ने एलवीएम3 एम4/चंद्रयान-3 मिशन के लिए 200 से अधिक मिशन-केंद्रित मॉड्यूल और उप प्रणालियां प्रदान कीं।
-- अनंत टेक्नोलॉजीज (एटीएल) ने ऑन-बोर्ड कंप्यूटर, नौवहन प्रणाली, नियंत्रण इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीमेट्री और पावर सिस्टम जैसे कई एवियोनिक्स पैकेज की प्राप्ति में प्रक्षेपण यान (एलवीएम 3) में योगदान दिया।
-- ओमनीप्रजेंट रोबोटिक टेक्नोलॉजीस लिमिटेड ने प्रज्ञान रोवर पर तस्वीरों के लिए इस्तेमाल सॉफ्टवेयर डिजाइन किया।
-- हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने चंद्रयान-3 में गए रोवर और लैंडर के लिए धातु और मिश्रित संरचनाएं, सभी प्रणोदक टैंक और बस संरचना में योगदान दिया।
-- भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) ने लैंडर मॉड्यूल और प्रोपल्शन मॉड्यूल के लिए लिथियम आयन बैटरी और टाइटेनियम मिश्र धातु प्रोपेलेंट टैंक का निर्माण किया।
-- मिश्र धातु निगम (मिधानि) ने चंद्र मिशन में उपयोग किए जाने वाले प्रक्षेपण यान के विभिन्न घटकों के लिए कोबाल्ट बेस मिश्र धातु, निकल बेस मिश्र धातु, टाइटेनियम मिश्र धातु और विशेष इस्पात जैसी महत्वपूर्ण सामग्रियों की आपूर्ति की।
-- केरल खनिज और धातु (केएमएमएल) ने महत्वपूर्ण घटकों के लिए टाइटेनियम स्पंज मिश्रधातु की आपूर्ति की।
इनके अलावा केरल के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों केलट्रॉन, केएमएमएल, एसआईएफएल, टीसीसी, केएएल और सिडको ने चंद्रयान-3 में योगदान दिया है।
केरल के उद्योग मंत्री पी राजीव ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि राज्य की 20 निजी कंपनियों ने भी इस ऐतिहासिक मिशन में योगदान दिया है।
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