भुवनेश्वर, 14 जुलाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि अवसाद और मोटापा चिंता का विषय बनते जा रहे हैं।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)-भुवनेश्वर के पांचवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए मुर्मू ने कहा कि अवसाद के इलाज के लिए दवा के साथ-साथ जागरूकता भी जरूरी है।
उन्होंने कहा, "जीवनशैली में बदलाव से मानसिक शांति मिल सकती है। योग और प्राणायाम मानसिक स्वास्थ्य में सहायक हो सकते हैं।"
राष्ट्रपति ने डॉक्टरों से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के फायदों के बारे में जागरूक करने का आग्रह किया।
मुर्मू ने कहा कि मोटापा, जो एक जीवनशैली से जुड़ी बीमारी है, भी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, "अनुशासित दिनचर्या, खान-पान में सुधार और नियमित व्यायाम से इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है।"
राष्ट्रपति ने डॉक्टरों को स्थानीय समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह देते हुए कहा कि आदिवासी समाज में दो बीमारियां प्रमुख हैं - एक जापानी इंसेफेलाइटिस और दूसरी सिकल सेल एनीमिया।
उन्होंने कहा, "सरकार ने इस दिशा में कई कदम उठाए हैं। डॉक्टरों को इन बीमारियों के इलाज के लिए यथासंभव शोध करना चाहिए।"
राष्ट्रपति ने 31 छात्रों को 59 स्वर्ण पदक प्रदान किए और 196 एमबीबीएस स्नातकों सहित 643 छात्रों को उपाधियां प्रदान कीं। राष्ट्रपति राज्य के दो दिवसीय दौरे पर दोपहर में भुवनेश्वर पहुंचीं।
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