मेलबर्न, 18 अगस्त ऑस्ट्रेलिया में कोरोना वायरस संक्रमण के 226 नए मामले सामने आए और देशभर में कोविड-19 से 17 और मरीजों की मौत हो गई जिसके बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 23,583 हो गई।
सरकार ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
विक्टोरिया राज्य के प्रीमियर डेनियल एंड्रयूज ने महामारी के दैनिक बुलेटिन में बताया कि पिछले चौबीस घंटे में संक्रमण के 222 नए मामले सामने आए और 17 मरीजों की मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि अब तक राज्य में कोविड-19 से 334 मरीजों की मौत हो चुकी है।
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उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि हल्के लक्षण होने पर भी कोरोना वायरस की जांच कराएं।
प्रीमियर ने कहा कि इस साल सामान्य फ्लू के मामले बहुत कम हैं इसलिए हल्के लक्षण वाले लोगों के कोरोना वायरस संक्रमित होने के “पूरे आसार” हैं।
न्यू साउथ वेल्स में सोमवार रात से संक्रमण के तीन नए मामले सामने आए हैं जिनमें से दो दक्षिण पश्चिमी सिडनी के हैं।
संक्रमण का एक अन्य मामला पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया से सामने आया है।
ऑस्ट्रेलियाई राजधानी क्षेत्र और क्वींसलैंड से संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया।
अब तक ऑस्ट्रेलिया में कोरोना वायरस संक्रमण के 23,583 मामले सामने आ चुके हैं और 428 मरीजों की मौत हो चुकी है।
इस बीच महामारी से उपजी परिस्थितियों की मार झेल रहे अरबों डॉलर के अंतरराष्ट्रीय शिक्षा क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के प्रयास में ऑस्ट्रेलिया की सरकार 300 विदेशी छात्रों के पहले जत्थे को दक्षिण ऑस्ट्रेलिया आने की अनुमति देने को तैयार है।
संघीय व्यापार एवं पर्यटन मंत्री साइमन बर्मिंघम ने एक नई योजना की घोषणा की है जिसके तहत दक्षिण पूर्व एशिया के तीन सौ छात्रों को अगले महीने एडिलेड में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी ताकि वे अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।
पढ़ाई शुरू करने से पहले छात्रों को दो सप्ताह तक होटल में पृथक-वास में रहना होगा जिसका खर्च उनका विश्वविद्यालय उठाएगा।
ऑस्ट्रेलिया के लिए अंतरराष्ट्रीय शिक्षा उद्योग के महत्व को रेखांकित करते हुए बर्मिंघम ने कहा, “इस योजना को मंजूरी दी गई है ताकि हम देख सकें कि क्या इस प्रकार से इसे चलाया जा सकता है। हम इस बारे में आश्वस्त हैं कि हमने सुरक्षा और एहतियाती उपाय किए हैं। अगले वर्ष के पाठ्यक्रम की ओर कदम बढ़ाते हुए हम इस पर विचार करेंगे कि हमारे निर्णय का क्या प्रभाव पड़ता है।”
मंत्री ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय शिक्षा ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के लिए बड़ा सेवा निर्यात उद्योग है। यह हजारों लोगों को रोजगार देता है और यह महत्वपूर्ण है कि हम अंतरराष्ट्रीय छात्रों को ऑस्ट्रेलिया सुरक्षित वापस लाने में कामयाब हों।”
ताजा आंकड़ों के मुताबिक चीन के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए भारत अंतरराष्ट्रीय छात्रों का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है और ऑस्ट्रेलिया में पढ़ने वाले कुल विदेशी छात्रों में से भारत के छात्रों की भागीदारी 17 प्रतिशत है।
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