महाकुंभनगर, तीन फरवरी प्रयागराज महाकुंभ के तीसरे अमृत स्नान बसंत पंचमी पर सोमवार तड़के से ही देश-दुनिया के श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र त्रिवेणी संगम पर जुटने लगे और शाम चार बजे तक करीब दो करोड़ लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई।
मेला प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि संगम घाट पर नागा साधु-संतों और आम श्रद्धालुओं के स्नान के दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। हर किसी ने अमृत स्नान का अलौकिक आनंद लिया और चारों ओर ‘हर हर गंगे’ का घोष सुनाई देता रहा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं को बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए रविवार को ‘एक्स’ पर लिखा, “महाकुंभ में मां गंगा, यमुना और सरस्वती की दिव्य धाराओं में पवित्र अमृत स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करने वाले सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई।”
सूचना निदेशक शिशिर ने बताया कि योगी लखनऊ में अपने आधिकारिक आवास पर प्रमुख सचिव (गृह) और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के साथ तड़के साढ़े तीन बजे से ही महाकुंभ के तीसरे अमृत स्नान पर नजर रखे हुए हैं।
उन्होंने कहा, “अखाड़ों का अमृत स्नान निर्विघ्न रूप से संपन्न हुआ। सभी 13 अखाड़ों के साधु-संतों ने दोपहर तक अमृत स्नान पूरा कर लिया। इस ऐतिहासिक मौके पर संगम तट भारतीय और विदेशी श्रद्धालुओं से भरा रहा।”
पिछले महीने मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान के दौरान हुई भगदड़ की घटना के मद्देनजर बसंत पंचमी के अमृत स्नान पर सभी प्रमुख स्थलों पर भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। भगदड़ की घटना में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई थी और 60 अन्य घायल हो गए थे।
संगम तट पर भीड़ से बचने के लिए बहुत से लोगों ने दारागंज में बने पक्के घाट दशाश्वमेध घाट पर स्नान किया। रायपुर से आई राम प्यारी ने ‘पीटीआई-’ से कहा, “संगम तट पर भारी भीड़ के बीच गंगा स्नान करना मुश्किल है। इसलिए हमने दशाश्वमेध घाट पर डुबकी लगाना ठीक समझा।”
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