नयी दिल्ली, 25 अगस्त अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने उच्चतम न्यायालय से मंगलवार को आग्रह किया कि अदालत की अवमानना मामले में उनकी दोषसिद्धि निरस्त की जानी चाहिए और शीर्ष अदालत की ओर से ‘‘स्टेट्समैन जैसा संदेश’’ दिया जाना चाहिए।
मामला न्यायपालिका के खिलाफ भूषण के दो ट्वीटों से जुड़ा है।
अटॉर्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल ने न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ से भूषण को माफ करने का भी आग्रह किया, जो अपने ट्वीटों के लिए बिना शर्त माफी मांगने से इनकार कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भूषण को ‘‘सभी बयान वापस लेने चाहिए और खेद प्रकट करना चाहिए।’’
पीठ ने 20 अगस्त को भूषण को सोमवार तक का समय दिया था और कहा था कि उन्हें अपने ‘‘अवमाननाकारी बयान’’ पर पुनर्विचार करना चाहिए तथा अवमाननाजनक ट्वीटों के लिए ‘‘बिना शर्त माफी’’ मांगनी चाहिए।
न्यायालय ने भूषण की सजा के मुद्दे पर सुनवाई पूरी कर ली।
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