एजेंसी न्यूज

मोदी सरकार की नीतियां आंबेडकर के सामाजिक न्याय के संदेश के खिलाफ: कांग्रेस

कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियां संविधान निर्माता भीमराव आंबेडकर के सामाजिक न्याय के संदेश के पूरी तरह खिलाफ हैं. पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने यह दावा भी किया कि केंद्र सरकार ने दलितों से संबंधित योजनाओं के बजट में लगातार कटौती की है.

मोदी सरकार की नीतियां आंबेडकर के सामाजिक न्याय के संदेश के खिलाफ: कांग्रेस
कांग्रेस (Photo Credits: Wikimedia Commons)

नयी दिल्ली,14 अप्रैल : कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियां संविधान निर्माता भीमराव आंबेडकर (Bhim Rao Ambedkar) के सामाजिक न्याय के संदेश के पूरी तरह खिलाफ हैं. पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने यह दावा भी किया कि केंद्र सरकार ने दलितों से संबंधित योजनाओं के बजट में लगातार कटौती की है. उन्होंने आंबेडकर जयंती के मौके पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘दलित के प्रति भाजपा का जो रवैया है, वो उनकी नीति, नीयत और बजट में प्रदर्शित होता है. इस सरकार में दलितों के लिए बजट आवंटन में लगातार कमी की गई है. इस वित्त वर्ष में दलित छात्र-छात्राओं के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 5600 करोड़ रुपये है, जो पर्याप्त नहीं है.

साल 2021 में दलित बच्चों के वास्ते पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का पैसा छह राज्यों के लिए नहीं मिला.’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2015-2020 के बीच मैला ढोने वाले और सेप्टिक टैंकों की सफाई में लगे 376 लोगों की मौत हुई. सरकार कहती है कि मैला ढोना और सेप्टिक टैंकों की सफाई अलग-अलग है, जबकि सच यह है कि मैला ढोने वाले और सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले एक ही लोग हैं.’’ यह भी पढ़ें : बैसाखी एवं महावीर जयंती के मौके पर जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल ने बधाई दी

सुप्रिया ने आरोप लगाया कि सरकार ने झूठ बोला है कि सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान किसी की मौत नहीं हुई. उन्होंने यह आरोप भी लगाया, ‘‘बाबासाहब का सबसे बड़ा संदेश सामाजिक न्याय था, लेकिन सरकार की मंशा और उसकी नीतियां इसके पूरी तरह खिलाफ हैं.’’

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 14, 2022 03:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).