गुवाहाटी, पांच नवंबर असम में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के बीच उच्च स्तरीय जागरुकता और समझ होने के बाद भी पुलिस को साइबर अपराधों की सूचना अपेक्षा से कम दी जाती है। असम पुलिस और साइबर पीस फाउंडेशन द्वारा किये गए सर्वेक्षण की रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
राज्य में साइबर सुरक्षा को लेकर जागरुकता के स्तर का पता लगाने के लिये अक्टूबर में यह सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण में पाया गया है कि लोगों को साइबर अपराध के बारे में गहरी समझ तो है, फिर भी केवल 16 प्रतिशत लोगों ने ही ऐसे अपराधों की जानकारी पुलिस को दी है।
रिपोर्ट में कहा गया है, ''सर्वे में शामिल केवल 16 प्रतिशत लोगों ने बताया कि उन्होंने साइबर अपराधों की जानकारी पुलिस को दी जबकि 32 प्रतिशत लोग ऐसे थे, जिन्होंने वेबसाइट के जरिये इसकी शिकायत की। 22 प्रतिशत ने कुछ नहीं किया। ''
सर्वेक्षण के अनुसार, 62 प्रतिशत लोगों को पता था कि साइबर अपराध की जानकारी पुलिस थाने को दी जा सकती है जबकि 58 प्रतिशत लोगों को यह जानकारी थी कि असम पुलिस के पास साइबर अपराधों से निपटने के लिये समर्पित साइबर थाने और पुलिसकर्मी हैं।
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सर्वेक्षण में शामिल 70 प्रतिशत लोग कंप्यूटर हार्डवेयर से डाटा चोरी किये जाने संबंधी साइबर अपराधों से अवगत थे जबकि 71 प्रतिशत लोग ऑनलाइन उत्पीड़न की जानकारी रखते थे। इसके अलावा, 78 प्रतिशत लोगों को हैकिंग, 68 प्रतिशत को ऑनलाइन धोखाधड़ी और 64 प्रतिशत को फर्जी खबरें फैलाए जाने के बारे में जानकारी थी।
असम पुलिस और एनजीओ साइबर पीस फाउंडेशन इंटरनेट को लेकर लोगों की समझ को परखने के लिये हर साल यह सर्वे कराते हैं।
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