जयपुर, 23 जुलाई राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष द्वारा जारी अयोग्यता नोटिस को उच्च न्यायालय में चुनौती देने वाले सचिन पायलट और कांग्रेस के बागी 18 विधायकों ने प्रतिवादियों की सूची में केंद्र सरकार को शामिल करने के लिए बृहस्पतिवार को अदालत में एक अर्जी दी।
यह अर्जी इस आधार पर दाखिल की गयी है कि चूंकि संविधान की दसवीं अनुसूची की वैधता को चुनौती दी गयी है, इसलिए अब इसमें केंद्र को पक्ष बनाना जरूरी है ।
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उच्चतम न्यायालय में भी इसी तरह की अर्जी दी गयी, जहां राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष ने एक याचिका दाखिल की है।
पायलट और कांग्रेस के बागी विधायकों ने गत शुक्रवार को उच्च न्यायालय में एक याचिका दाखिल कर अयोग्यता नोटिस को चुनौती दी। राजस्थान उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महंती और न्यायमूर्ति प्रकाश गुप्ता की पीठ इस पर सुनवाई कर रही है और इसमें जिरह हुई है ।
मामले में सोमवार को सुनवाई शुरू हुई और मंगलवार को जिरह हुई । अदालत शुक्रवार को याचिका पर फैसला सुनाएगी।
पिछले सप्ताह सोमवार और मंगलवार को कांग्रेस विधायी दल की दो बैठकों में हिस्सा लेने के लिए जारी व्हिप का उल्लंघन करने पर पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत की । इसके बाद इन विधायकों के खिलाफ अयोग्यता संबंधी नोटिस जारी किया गया।
हालांकि पायलट खेमे का कहना है कि पार्टी का व्हिप विधानसभा सत्र के चलने के दौरान ही लागू होता है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बगावत के बाद पायलट को उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद से बर्खास्त कर दिया गया था ।
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