हिमाचल प्रदेश: बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने के लिए मजबूर पिता को बेचनी पड़ी अपनी गाय, आय के एकमात्र साधन को बेचकर खरीदा स्मार्टफोन
कोरोना संकट के बीच हिमाचल प्रदेश के पालमपुर जिले में एक मजबूर पिता ने अपने दो बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने के लिए अपनी गाय बेच दी, ताकि वो स्मार्टफोन खरीद सके. बच्चों की पढ़ाई के खातिर स्मार्टफोन खरीदने के लिए मजबूर पिता ने अपनी आय के एकमात्र साधन, अपनी गाय को महज 6,000 रुपए में बेचनी पड़ी.
देश में कोरोना वायरस का प्रकोप (Coronavirus Outbreak) थमने का नाम नहीं ले रहा है. कोरोना संकट (Corona Crisis) के चलते मार्च महीने से ही तमाम स्कूल (Schools) और कॉलेज (Collage) बंद हैं. बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए अधिकांश स्कूल और कॉलेजों द्वारा बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाया (Online Study) जा रहा है. अपने बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने के लिए माता-पिता को भी काफी जतन करने पड़ रहे हैं. खासकर उन बच्चों को पढ़ाई में दिक्कत आ रही है, जिनके घर में स्मार्टफोन (Smartphone) नहीं है. एक ऐसा ही मामला हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के पालमपुर जिले के ज्वालामुखी (Jwalamukhi) स्थित गुम्मेर गांव से सामने आया है, जहां एक मजबूर पिता ने अपने दो बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने के लिए अपनी गाय बेच दी, ताकि वो स्मार्टफोन खरीद सके. बच्चों की पढ़ाई के खातिर स्मार्टफोन खरीदने के लिए मजबूर पिता को अपनी आय के एकमात्र साधन, अपनी गाय को महज 6,000 रुपए में बेचनी पड़ी.
कुलदीप कुमार (Kuldeep Kumar) नाम के शख्स का कहना है कि मार्च में लॉकडाउन लागू होने के साथ ही स्कूल भी बंद कर दिए गए. उनके बच्चे अन्नू व दीपू कक्षा 4 और कक्षा 2 में पढ़ते हैं. बताया जा रहा है कि स्कूलों ने बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने के लिए स्मार्टफोन खरीदने के लिए कुलदीप पर दबाव बनाना शुरू कर दिया.
स्मार्टफोन खरीदने के लिए 6 हजार रुपए का लोन लेने के लिए उन्होंने बैंकों के साथ-साथ निजी ऋणदाताओं से भी संपर्क किया, लेकिन उनकी खराब माली हालत के कारण कोई भी उनकी मदद के लिए तैयार नहीं हुआ. हर तरफ ने निराशा मिलने के बाद कुलदीप ने अपनी आय के एकमात्र स्रोत अपनी गाय को छह हजार रुपए में बेच दिया और अपने बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने के लिए एक स्मार्टफोन खरीदा. यह भी पढ़ें: देसी जुगाड़! कोरोना संकट के बीच बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने के लिए टीचर ने निकाला नायाब तरीका, देखें वायरल वीडियो
बताया जा रहा है कि कुलदीप मिट्टी के घर में रहते हैं, उनके पास न तो बीपीएल कार्ड है और न ही वो एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम (आईआरडीपी) के लाभार्थी हैं. कुलदीप ने कहा कि उन्होंने आईआरडीपी, बीपीएल और अंत्योदय योजना में अपना नाम दर्ज करने के लिए पंचायत को कई बार आवेदन दिया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ.
गौरतलब है कि ज्वालामुखी के विधायक रमेश धवाला ने कहा कि यह चौंकाने वाला मामला है कि एक पिता को अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए एक फोन खरीदने के लिए अपनी गाय बेचनी पड़ी. उन्होंने कहा कि बीडीओ और एसडीएम को तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 23, 2020 04:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

