जयपुर, 26 अप्रैल गैर सरकारी संगठन पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) ने आमेर के किले में पर्यटकों की सवारी के काम लिए जा रहे दो हाथियों को उनकी मानसिक हालत के आधार पर पुनर्वास केंद्र भेजने की मांग की है।
संगठन ने इस संबंध में मुख्य सचिव उषा शर्मा को ज्ञापन देकर 'गौरी' और 'मालती' नामक हाथियों से पर्यटन सवारी का काम लेना बंद करने की अपील की है।
पेटा इंडिया की निदेशक (एडवोकेसी प्रोजेक्ट्स) खुशबू गुप्ता ने बुधवार को कहा, "इन दो हाथियों ने सवारी के लिए इस्तेमाल किए जाने के तनाव एवं हताशा में या तो मनुष्यों या हाथियों पर हमला किया।"
मुख्य सचिव एवं वन विभाग के अधिकारियों के साथ मंगलवार को हुई बैठक में पेटा प्रतिनिधि के साथ आमेर निवासी और दुकानदार रूपनारायण और उसका भाई भी मौजूद था।
उन्होंने बताया कि रूपनारायण पर गौरी नामक हाथी ने हमला किया था। पेटा अधिकारी ने कहा कि गौरी के साथ एक अन्य हाथी मालती का भी आमेर किले में पर्यटकों की सवारी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि उसका बार-बार दूसरे हाथियों से लड़ने का इतिहास रहा है।
जयपुर के प्रसिद्ध आमेर किले में सवारी के लिए 80 से अधिक हाथियों का उपयोग किया जाता है।
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