मुंबई, 21 मार्च निजी इक्विटी (पीई) और उद्यम पूंजी (वीसी) निवेश फरवरी में 39 प्रतिशत घटकर 2.2 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया। एक साल पहले समान अवधि में यह आंकड़ा 3.7 अरब डॉलर रहा था। बृहस्पतिवार को जारी को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
वहीं, मासिक आधार पर पीई और वीसी निवेश में 67 प्रतिशत की गिरावट आई है।
उद्योग लॉबी समूह आईवीसीए और सलाहकार फर्म ईवाई की रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी में सौदों की संख्या बढ़कर 120 हो गई। जनवरी में सौदों की संख्या 86 और फरवरी, 2023 में 57 रही थी।
सलाहकार कंपनी के भागीदार विवेक सोनी ने कहा, ‘‘फरवरी, 2021 के बाद से पीई/वीसी निवेश के लिए यह दूसरा सबसे कम मासिक आंकड़ा है। हम भारत और विश्व स्तर पर चुनावों का सिलसिला शुरू होने के बीच सतर्कता के साथ आशान्वित भी हैं। इस साल दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में चुनाव होने वाले हैं।’’
रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी में 10 करोड़ डॉलर या इससे अधिक मूल्य के सात सौदे हुए। इनका कुल मूल्य एक अरब डॉलर रहा। जनवरी में बड़े सौदों का मूल्य 5.7 अरब डॉलर रहा था। यानी जनवरी की तुलना में समीक्षाधीन महीने में बड़े सौदों का मूल्य 82 प्रतिशत घटा है। एक साल पहले समान महीने में बड़े सौदों का मूल्य तीन अरब डॉलर रहा था।
रिपोर्ट कहती है कि बायजू का 20 करोड़ डॉलर का राइट्स इश्यू फरवरी में सबसे बड़ा सौदा रहा। इसके अलावा एनआईआईएफ ने आईबस नेटवर्क में इतनी ही राशि का निवेश किया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि फरवरी में 2.2 अमेरिकी डॉलर के कुल सौदों में अकेले खरीद का हिस्सा 75 करोड़ डॉलर था। वहीं स्टार्टअप निवेश दूसरे स्थान पर रहा। इसमें 65 सौदों में 55.4 करोड़ डॉलर का निवेश हुआ।
क्षेत्रवार बात की जाए, तो फरवरी में बुनियादी ढांचा क्षेत्र में सबसे अधिक 41.2 करोड़ डॉलर का निवेश आया। इसके बाद प्रौद्योगिकी में 35.9 करोड़ डॉलर और वित्तीय सेवाओं में 25.3 करोड़ डॉलर का निवेश आया।
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