देश की खबरें | पीडीपी, नेकां ने आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान लश्कर आतंकी की मौत की जांच की मांग की

श्रीनगर, 19 अक्टूबर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) सहित विभिन्न राजनीतिक दलों ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में एक आतंकवाद निरोधी अभियान के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के गिरफ्तार ‘हाइब्रिड’ आतंकवादी की मौत की जांच करने की मांग की है।

इमरान बशीर गनई को मंगलवार तड़के शोपियां के हरमैन इलाके में दो मजदूरों की हत्या में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

कश्मीर जोन पुलिस के मुताबिक, गनई बुधवार सुबह आतंकवादियों की गोलीबारी में उस समय मारा गया, जब पुलिस शोपियां के नौगाम इलाके में आतंकवाद विरोधी अभियान चला रही थी।

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कश्मीरी पंडितों और प्रवासी श्रमिकों की हत्या निंदनीय है, लेकिन आतंकवादियों की गोलीबारी में पुलिस हिरासत में मौजूद एक आरोपी की मौत ने इन आरोपों को हवा दी है कि ‘यह पकड़ो और मारो’ नीति का हिस्सा है।

महबूबा ने आरोप लगाया, “यह (नीति) पहले पंजाब में इस्तेमाल की जा चुकी है.... ऐसा लग रहा है कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव करीब आने के साथ ही क्षेत्र में शांति भंग करने की कोशिश की जाएगी, ताकि हिंदू-मुस्लिम मतों के ध्रुवीकरण से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके।”

कश्मीर जोन पुलिस ने ट्वीट किया, “गिरफ्तार हाइब्रिड आतंकवादी के खुलासे और पुलिस एवं सुरक्षा बलों द्वारा लगातार की जा रही छापेमारी के आधार पर शोपियां के नौगाम में चलाए गए एक अभियान के दौरान आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच एक और मुठभेड़ हुई, जिसमें हाइब्रिड आतंकवादी इमरान बशीर गनई एक अन्य आतंकवादी गोलीबारी में मारा गया।”

पुलिस ‘हाइब्रिड आतंकवादी’ शब्द उन कट्टरपंथियों के लिए प्रयोग करती है, जो आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध नहीं हैं, लेकिन आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के बाद अपने नियमित जीवन में लौट जाते हैं।

नेकां नेता और दक्षिण कश्मीर के लोकसभा सदस्य हसनैन मसूदी ने कहा कि घटना के सिलसिले में दिए गए विवरण न केवल ‘संदेहास्पद हैं, बल्कि कई अहम सवालों के जवाब भी नहीं देते।’

वहीं, महबूबा ने ट्विटर के माध्यम से पुलिस के इस दावे पर सवाल उठाया कि आतंकवादी गनई को उस समय मारने में कामयाब रहे, जब वह पुलिस हिरासत में था। उन्होंने कहा कि ‘यह दावा पूरी तरह से तर्क से परे है और इसकी विस्तृत जांच किए जाने की जरूरत है।’

श्रीनगर में पीडीपी कार्यालय में हुई एक बैठक में शामिल होने के बाद संवाददाताओं से मुखातिब महबूबा ने कहा, “अगर आतंकवादी पुलिस हिरासत में मौजूद किसी शख्स को इतनी आसानी से मार सकते हैं तो यह दिखाता है कि आम लोगों का भविष्य क्या हो सकता है।”

मसूदी ने गनई की मौत की एक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा, “नागरिक हत्याओं की जहां सामूहिक निंदा किए जाने की जरूरत है और इन्हें किसी भी आधार पर माफ नहीं किया जा सकता है, उसी तरह पुलिस हिरासत में हाइब्रिड आतंकवादी करार दिए गए एक युवक की मौत गंभीर चिंता का विषय है, जिसकी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच किए जाने की जरूरत है।”

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की राज्य इकाई के सचिव गुलाम नबी मलिक ने पुलिस हिरासत में गनई की कथित हत्या की निंदा करते हुए घटना की विश्वसनीय जांच कराने की मांग की।

उन्होंने कहा, “यह व्यापक रूप से माना जाता है कि उक्त व्यक्ति किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल नहीं था।”

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