देश की खबरें | विश्वभारती में पौष मेला नहीं लगेगा, नहीं होगा बसंत उत्सव

कोलकाता, चार जुलाई विश्वभारती ने प्रसिद्ध ‘पौष मेला’ रद्द करने का निर्णय लिया है। उसने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशानिर्देशों के अनुपालन को लेकर व्यापारियों के साथ टकराव के बीच शांतनिकेतन में इस शीतकालीन कार्यक्रम के आयोजन में पिछले दो साल के ‘तीखे अनुभव’ का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है।

विश्वविद्यालय ने अगले साल से जनसाधारण के लिए होली पर ‘बसंत उत्सव’ भी नहीं आयोजित करने का फैसला किया है।

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एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि ये फैसले शुक्रवार को विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की आपात बैठक में लिये गये।

हस्तशिल्प, हथकरघा, कला, संगीत उत्सव ‘पौष मेला’ बांग्ला मास पौष में आयोजित किया जाता है। रवींद्रनाथ टैगोर के पिता महर्षि देवेंद्रनाथ टैगोर ने 1894 में पहली बार इस मेले का आयोजन किया था और बाद में नोबेल पुरस्कार सम्मानित रवींद्रनाथ टैगार द्वारा स्थापित इस विश्वविद्यालय ने 1951 से इसका आयोजन करने लगा।

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इस मेले में राज्य और देश-विदेश से हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं, जिससे इलाके की नाजुक पारिस्थितिकी पर उसके प्रभाव को लेकर चिंता प्रकट की जाने लगी।

अधिकारी और कार्यकारी समिति के सदस्य ने कहा कि इसे नहीं आयोजित करने का फैसला किया गया है, हालांकि यह उत्सव वर्षों से विश्वविद्यालय के कैलेंडर का अभिन्न हिस्सा था।

उन्होंने कहा कि पिछले दिसंबर में दुकानदारों से मेले के समापन के 48 घंटे के अंदर वहां सफाई करने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया। बाद में जगह खाली कराने के लिए बलप्रयोग करना पड़ा।

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