देश की खबरें | असामाजिक तत्वों और दुर्दांत अपराधियों से सख्ती से निपटने के लिए विधेयक पारित
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

गांधीनगर, 23 सितंबर गुजरात विधानसभा ने असामाजिक तत्वों और दुर्दांत अपराधियों से सख्ती से निपटने के लिए बुधवार को एक विधेयक पारित किया जिसमें सात साल से लेकर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।

गुंडा एवं असामाजिक गतिविधियां रोकथाम विधेयक में पुलिस को अब 15 दिन के बजाय 30 दिनों के लिए हिरासत मांगने का अधिकार प्रदान किया गया है। अब आरोपपत्र वर्तमान 60 के बजाय 90 दिनों में दाखिल किया जा सकता है।

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कांग्रेस की आपत्ति के बीच 182 सदस्यीय विधानसभा ने इस विधेयक को पारित कर दिया जहां भाजपा बहुमत में है।

इस प्रस्तावित कानून ने इसी माह के प्रारंभ में सरकार द्वारा जारी किये गये अध्यादेश का स्थान लिया है।

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इस विधेयक को पेश करते हुए गृह राज्यमंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने कहा कि प्रस्तावित कानून की जरूरत दुर्दांत और बार बार अपराध करने वालों से सख्ती से निपटने के लिए पड़ी।

जडेजा ने कहा कि इस विधेयक में मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष अदालतों और विशेष सरकारी वकीलों की नियुक्ति के प्रावधानों के अलावा सरकार को आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने और पीड़ितों को क्षतिपूर्ति करने की शक्ति प्रदान की गयी है।

प्रस्तावित कानून में ‘लव जिहाद के जरिए लड़कियों के शोषण’ के विषय को भी शामिल किया गया है।

अहमदाबाद में संशेाधित नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन का जिक्र करते हुए जडेजा ने कहा कि प्रस्तावित कानून में दंगे और संपत्ति को नुकसान पहुंचाये जाने का विषय भी है।

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