उन्होंने कहा कि अगस्त 2019 तक देश में दो संविधान थे और दो झंडे थे लेकिन जम्मू एवं कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त कर इस सरकार ने देश में एक संविधान और एक झंडा लागू किया। उन्होंने कोविड महामारी का भी उल्लेख किया और कहा कि इस दौरान भारत ने ना सिर्फ टीके विकसित किए और लोगों की जान बचाई गई बल्कि दुनिया को भी इसका लाभ दिया।
उन्होंने कहा कि अगले 25 साल अमृत काल होने वाले और इस अवधि में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया गया है तथा इसमें हर किसी को योगदान देना हैं।
आम आदमी पार्टी के विक्रमजीत सिंह सैनी ने स्वतंत्रता के आंदोलन में शहादत देने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि ‘अमृत काल’ तभी अमृत होगा जब हर भारतीय तक शिक्षा और सेहत का ‘अमृत’ पहुंचेगा।
उन्होंने राष्ट्रहित में सत्ता पक्ष और विपक्ष को मिलकर रचनात्मक काम करने का आह्वान किया।
बीजू जनता दल की ममता मोहंता ने कहा कि न जानें कितने लोगों के बलिदान, त्याग और समर्पण के बाद देश आजाद हुआ। उन्होंने सभी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश लोकतंत्र समय के साथ मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि आज देश में एक महिला राष्ट्रपति हैं जो जनजातीय समुदाय से ताल्लुक रखती हैं।
बीजद के ही अमर पटनायक ने महिला आरक्षण को संसद से पारित किए जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि समय के साथ लोकतंत्र मजबूत हुआ है और इस लंबे लोकतांत्रिक सफर के दौरान कई आवश्यक और महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए हैं।
वाईएसआर कांग्रेस के एस निरंजन रेड्डी ने कहा कि संविधान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इतने लंबे समय के बाद भी लोकतंत्र बरकरार है।
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि आपातकाल का एक दौर भी आया लेकिन इसके बावजूद हम आगे बढ़े। संविधान की खासियत है कि इसमें संशोधन की भी गुंजाइश है। अब तक हम सौ से अधिक संविधान संशोधन कर चुके हैं। हर भारतीय, देश को विकसित राष्ट्र के रूप में देखना चाहता है और हम सभी को इस दिशा में जुटना है।’’
कांग्रेस के राजीव शुक्ला ने कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन शत्रुता का भाव नहीं होना चाहिए।
उन्होंने देश के निर्माण में हर प्रधानमंत्री के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि अब जबकि नए भवन में संसद की कार्यवाही शुरु होने वाली है तो इस सरकार को मन बदलना चाहिए और कटुता छोड़नी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘मिलजुलकर काम करें। परिवार की तरह रहें। राजनीति में दुश्मनी की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।’’
उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि पुराने संसद भवन का क्या उपयोग होगा। उन्होंने कहा, ‘‘कहीं यह सफेद हाथी बनकर न रह जाए।’’
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की फौजिया खान ने कहा कि जिस भवन को अलविदा किया रहा है वह सिर्फ इमारत नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे संसदीय लोकतंत्र का मंदिर है, परंपराओं को खजाना है और प्यारे भारत के सपनों का गुलिस्तां है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस भवन का लंबा इतिहास रहा है। हम इमारत का शरीर बदलने जा रहे हैं तो मेरी चिंता है कि कहीं लोकतंत्र की आत्मा यहीं न छूट जाए।’’
समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने कहा कि विगत 300 दिन से प्रयागराज विश्वविद्यालय के छात्र, छात्रसंघ चुनाव के लिए अनशन कर रहे हैं लेकिन कोई उनकी सुनने वाला नहीं।
उन्होंने कहा कि कानून जनता को आतंकित करने के लिए नहीं होना चाहिए क्योंकि आम लोग जब कानून से डरने लगे तो यह देश के लिए खतरनाक है।
बीजद के सस्मित पात्रा ने कहा कि 75 साल के सफर के बारे में तीन मिनट में बोलना चुनौतिपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि नए संसद भवन में पहली ही बैठक में सरकार को महिला आरक्षण विधेयक पेश किया जाना चाहिए।
पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के एच डी देवेगौड़ा ने कावेरी जल विवाद का समाधान सहमति से किए जाने की अपील की।
उन्होंने आसन से अपील की कि तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर अन्य राज्यों के पांच सदस्यों की एक टीम भेजे ताकि वे कर्नाटक के किसानों की स्थिति को समझें।
ब्रजेन्द्र
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY