ताजा खबरें | संसदीय चर्चा तीन अंतिम लोस

उन्होंने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने की मांग की।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भारत का लोकतंत्र इतना मजबूत है कि इसे खत्म करने का कोई भी प्रयास प्रतिकूल साबित हुआ है।

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में सामाजिक न्याय की लगातार अनदेखी की जाती रही, लेकिन इस सरकार में सामाजिक असमानता को दूर करने का प्रयास किया गया है।

द्रमुक के ए राजा ने कहा कि हमारी पार्टी संविधान और देश को बचाना चाहती है, इसलिए मतभेद होने के बावजूद हम कांग्रेस के साथ हैं।

भाजपा के अरुण साव ने कहा कि यह भवन उन जैसे सभी छत्तीसगढ़वासियों के लिए अविस्मरणीय होगा, क्योंकि इसी भवन से अविभाजित मध्य प्रदेश दो राज्यों में विभक्त हुआ था तथा तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ की स्थापना हुई थी।

उन्होंने कहा कि वाजपेयी जानते थे कि छत्तीसगढ़ में विपक्षी दल (कांग्रेस) की सरकार बनेगी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने करोड़ों लोगों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ के गठन का निर्णय लिया था।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के असदुद्दीन ओवैसी ने संसद में मुसलमानों की भागीदारी शुरू से ही कम होने का दावा करते हुए कहा, ‘‘पिच बदलने से गेम नहीं बदलता। हमें गेम बदलना होगा। आप पिच बदल रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि संसद देश का दिल है, लेकिन ‘‘गरीबों, मजलूमों और मुसलमानों तथा कश्मीरियों की अनदेखी किये जाने से’’ उनका भरोसा इस संसद पर कम हुआ है।

शिवसेना (यूबीटी) के सदस्य अरविंद सावंत ने मौजूदा सरकार के कामकाज की आलोचना करते हुए कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की हालत खास्ता है, किसानों एवं महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है।

उन्होंने देश में समान शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया।

निर्दलीय सदस्य नवनीत राणा ने राजगुरु, सुखदेव, लाला लाजपत राय, ज्योतिबा फुले और सुभाष चंद्र बोस जैसी हस्तियों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि अब प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में विश्व में भारत की नयी पहचान विकसित हुई है।

उन्होंने जी20 के सफल आयोजन के लिए मोदी सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने सिखाया कि ‘स्मार्ट इंडिया’ कैसे बनाया जाता है।

रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के एन के प्रेमचंद्रन ने कहा, ‘‘हम संविधान सभा के सदस्यों के ऋणी हैं, जिन्होंने ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण संविधान बनाया। संविधान सभा ने एक-एक अनुच्छेद पर गहन चर्चा की और उसके बाद उसे अपनाया।’’

सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के इंद्र हांग सुब्बा, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हनुमान बेनीवाल, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के बदरुद्दीन अजमल, आम आदमी पार्टी के सुशील कुमार रिंकू और विदुथालाई चिरुथैगल कच्ची के टी. थिरुमावलवन ने भी चर्चा में हिस्सा लिया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)