नयी दिल्ली, 14 दिसंबर दिल्ली पुलिस ने संसद सुरक्षा चूक की घटना के संबंध में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत एक मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
घटना के संबंध में संसद मार्ग पुलिस थाने में यूएपीए की धारा 16 (आतंकवादी कृत्यों के लिए दंड) और धारा 18 (साजिश आदि के लिए दंड) तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), धारा 452 (अवैध प्रवेश), धारा 153 (दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना), धारा 186 (लोक सेवक को सार्वजनिक कार्यों के निर्वहन में बाधा पहुंचाना) और धारा 353 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए आपराधिक बल का इस्तेमाल करना अथवा हमला करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
संसद पर 2001 को हुए आतंकी हमले की बरसी के दिन बुधवार को सुरक्षा में चूक की एक बड़ी घटना उस वक्त सामने आई जब लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो लोग- सागर शर्मा और मनोरंजन डी, सदन के भीतर कूद गए, उन्होंने नारेबाजी की और ‘केन’ के जरिये पीले रंग का धुआं फैला दिया। इस बीच कुछ सांसदों ने उन्हें पकड़ लिया।
लगभग उसी वक्त दो अन्य आरोपियों- अमोल शिंदे और नीलम देवी- ने संसद परिसर के बाहर ‘केन’ से रंगीन धुआं छोड़ा और ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ के नारे लगाए।
पुलिस ने कहा कि इस घटना की योजना छह लोगों ने मिलकर बनाई थी और ये चारों लोग उसी समूह का हिस्सा हैं।
यूएपीए के तहत अपराध गैर-जमानती हैं।
पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि सुरक्षा में सेंध लगाने के लिए कथित तौर पर छह लोगों ने पूरे समन्वय के साथ योजना तैयार की थी, इनमें से पांच को पकड़ लिया गया है।
उन्होंने बताया कि सभी आरोपी चार वर्ष से एक-दूसरे को जानते थे और कुछ दिन पहले ही उन्होंने संसद में घुसने की योजना बनाई थी। उन्होंने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया मंच के जरिये आपस में संपर्क में थे और बुधवार को संसद आने से पहले उन्होंने रेकी की थी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ में अमोल ने जांचकर्ताओं को बताया कि वे किसान आंदोलन, मणिपुर संकट और बेरोजगारी जैसे मुद्दों से नाराज थे और इसीलिए उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया।
एक अधिकारी ने बताया, ‘‘उनकी विचारधाराएं समान थीं और उन्होंने सरकार को एक संदेश देने निर्णय किया था। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इन्हें किसी व्यक्ति या संगठन ने इसका निर्देश तो नहीं दिया था।’’
आरोपी सागर, मनोरंजन, अमोल, नीलम और ललित मंगलवार रात गुरुग्राम में विशाल के घर पर रुके थे और सुबह ये सब संसद भवन के लिए निकले थे।
सभी छह लोग संसद में प्रवेश करना चाहते थे, लेकिन केवल दो को ही पास मिला। ललित ने संसद परिसर के बाहर केन के जरिये रंगीन धुआं छोड़ते हुए अमोल और नीलम का वीडियो बनाया था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY