देश की खबरें | अभिभावकों ने शीर्ष स्कूल पर फीस वृद्धि का आरोप लगाया
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नयी दिल्ली, 28 सितम्बर राष्ट्रीय राजधानी के एक शीर्ष निजी स्कूल के छात्रों के अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि प्राधिकारियों ने फीस बढ़ा दी है जो अगस्त से प्रभावी है जबकि दिल्ली सरकार के एक आदेश में स्कूल के फिर से खुलने तक ऐसी किसी बढ़ोतरी पर रोक लगायी गई है।
दिल्ली सरकार ने स्कूलों को निर्देश दिया था कि वे तब तक फीस नहीं बढ़ायें जब तक कोविड-19 के चलते बंद स्कूल फिर से नहीं खुलते। दिल्ली सरकार ने साथ ही यह भी कहा था कि स्कूल विकास शुल्क और वार्षिक फीस के नाम पर कोई प्रभार नहीं लगायें।
अभिभावकों ने डीपीएस आर के पुरम के कदम के खिलाफ शिक्षा निदेशालय (डीओई) का रुख किया है और साथ ही उसकी दो शाखाओं के फीस ढांचे में असमानताओं का भी आरोप लगाया है।
वहीं स्कूल के प्रिंसिपल ने अभिभावकों को सूचित किया है कि उनकी चिंताओं को डीपीएस सोसाइटी के समक्ष उठाया गया है। स्कूल का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील पुनीत मित्तल ने कहा कि फीस के मुद्दे पर दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष एक याचिका लंबित है।
एक अभिभावक ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा, ‘‘स्कूल वार्षिक या विकास शुल्क नहीं ले रहा है, लेकिन उन्होंने शिक्षण शुल्क में वृद्धि की है। नई रसीदों में कुछ संदिग्ध मद हैं जैसे परिचालन शुल्क और रखरखाव शुल्क।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब स्कूल बंद हैं तो वे क्या रखरखाव कर रहे हैं? नौ हजार से अब हमें 13 हजार रुपये शिक्षण शुल्क ही भुगतान करना है।’’
एक अन्य अभिभावक ने कहा कि उन्होंने इस पर चर्चा के लिए स्कूल प्रशासन से कई बार समय मांगा लेकिन कोई समय नहीं दिया गया।
समग्र फीस लॉकडाउन के दौरान नीचे आ गई थी जब दिल्ली सरकार ने आदेश दिया था कि इस दौरान केवल शिक्षण शुल्क ली जा सकती है और अन्य मद जैसे परिवहन शुल्क, खेल शुल्क आदि नहीं लिया जाना चाहिए।
अभिभावक ने सवाल किया, ‘‘जब शिक्षण शुल्क अंतत: उसी स्तर पर बढ़ गई है जो हम लॉकडाउन से पहले देते थे तो रियायत क्या है?’’
एक अन्य अभिभावक ने आरोप लगाया, ‘‘स्कूल की दो जूनियर शाखाएं हैं, एक वसंत कुंज और एक ईस्ट आफ कैलाश। एक ही स्कूल की दो शाखाओं में दो अलग अलग फीस ढांचा कैसे हो सकता है। एकरूपता होनी चाहिए।’’
डीपीएस के वकील पुनीत मित्तल ने कहा, ‘‘दिल्ली सरकार द्वारा फीस बढ़ोतरी की अनुमति नहीं देने को लेकर एक मामला अदालत के समक्ष लॉकडाउन लागू होने से पहले से लंबित है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वार्षिक और विकास शुल्क के क्रियान्वयन के विवाद को भी अदालत में चुनौती दी गई है और मामला विचाराधीन है। स्कूल छात्रों के लिए बंद हैं, परिचालन लागत समान है, शिक्षक दो घंटे काम कर रहे हैं और उन्हें वेतन दिया जाना है।’’
कार्यवाहक प्राचार्य, डीपीएस आरके पुरम, पद्म श्रीनिवासन ने सोमवार को एक ईमेल में अभिभावकों को बताया, ‘‘यह सूचित किया जाता है कि फीस वृद्धि से संबंधित मामला डीपीएस सोसाइटी के समक्ष विचार के लिए रखा गया है। यह आपको अवगत कराने के लिए है कि मामला दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है और इस पर सुनवायी नौ अक्टूबर को निर्धारित की गई है।’’
डीओई के अधिकारियों की ओर से इस मुद्दे पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 28, 2020 05:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

