इस्लामाबाद, 18 जून पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को भारतीय उच्चायोग के प्रभारी गौरव अहलूवालिया को तलब किया और नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा कथित रूप से किए गए संघर्ष विराम उल्लंघनों पर अपना विरोध दर्ज कराया।
विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा कि महानिदेशक (दक्षिण एशिया और दक्षेस) जाहिद हफीज चौधरी ने 17 जून, 2020 को संघर्ष विराम उल्लंघनों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
बयान में कहा गया कि ‘‘अंधाधुंध और अकारण गोलीबारी’’ के कारण चार लोग मारे गए और एक गंभीर रूप से घायल हो गया।
उसमें आरोप लगाया गया कि भारतीय सेना नियंत्रण रेखा और कामकाजी सीमा (डब्ल्यूबी) के पास लगातार गोलाबारी, भारी क्षमता वाले मोर्टार और स्वचालित हथियारों के साथ गोलीबारी कर रिहायशी क्षेत्रों को निशाना बना रही है।
एफओ ने चौधरी के हवाले से कहा, ‘‘भारत सरकार को यह महसूस होना चाहिए कि उसकी गैर जिम्मेदाराना नीतियां और एकतरफा कार्रवाई क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रही है तथा उसे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए जिम्मेदारी से काम करना चाहिए।’’
उन्होंने भारतीय पक्ष से 2003 के संघर्ष विराम समझौते का सम्मान करने, संघर्ष विराम उल्लंघन की ऐसी और अन्य घटनाओं पर विराम लगाने और एलओसी और डब्ल्यूबी के पास शांति बनाए रखने की अपील की।
इससे पहले, पाकिस्तानी सेना ने कहा कि एलओसी के साथ-साथ निकियाल और बागसर सेक्टरों में भारतीय बलों द्वारा की गई कथित गोलीबारी में कम से कम चार नागरिकों की मौत हो गई।
सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान सेना के जवानों ने भारतीय गोलीबारी का प्रभावी ढंग से जवाब दिया।
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