पेशावर, 22 अगस्त पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के एक पहाड़ी इलाके में चेयरलिफ्ट का तार टूटने से आठ व्यक्ति मंगलवार को 900 फुट की ऊंचाई पर फंस गए। बाद में पाकिस्तानी सेना ने उनमें से दो बच्चों को बचा लिया।
वहीं पाकिस्तानी सेना ने अंधेरा होने के कारण हवाई बचाव अभियान स्थगित कर दिया और चेयरलिफ्ट पर फंसे अन्य लोगों को बचाने के लिए जमीनी अभियान शुरू किया।
‘डॉन न्यूज’ पोर्टल की खबर के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा के बट्टाग्राम जिले के पहाड़ी इलाके में खराब मौसम के बीच, सूर्यास्त से कुछ पहले कई प्रयासों के बाद पाकिस्तानी सेना के विशेष सेवा समूह ने दो बच्चों को बचा लिया।
पाकिस्तान के सरकारी प्रसारक ‘पीटीवी न्यूज’ का हवाला देते हुए, इसने बताया कि सेना ने "रात और मौसम" के कारण हवाई अभियान बंद कर दिया और "वैकल्पिक साधनों" के माध्यम से बचाव प्रयास शुरू किया।
यह घटना बट्टाग्राम जिले की अल्लाई तहसील में सुबह करीब 8 बजे उस समय हुई जब बच्चे स्कूल जा रहे थे।
‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ समाचार पत्र ने अल्लाई तहसील अध्यक्ष मुफ्ती गुलामुल्लाह के हवाले से बताया कि चेयरलिफ्ट नदी पार करने के लिए स्थानीय लोगों द्वारा निजी तौर पर संचालित की जा रही व्यवस्था थी क्योंकि क्षेत्र में कोई सड़क या पुल नहीं है।
‘जियो न्यूज’ ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के एक बयान का हवाला देते हुए बताया, ‘‘बट्टाग्राम में केबल टूटने के कारण एक चेयरलिफ्ट बीच रास्ते में लगभग 900 फुट की ऊंचाई पर फंस गई। इस घटना में छह बच्चों सहित आठ लोग फंस गए।’’
प्राधिकारियों ने पाकिस्तानी सेना की मदद से जमीन से बचाव अभियान जारी रखने का फैसला किया है ताकि रात के दौरान भी अभियान जारी रखा जा सके।
खबर में कहा गया है कि बचावकर्मियों ने किसी भी दुर्घटना से निपटने के लिए नीचे जाल बिछाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सरकारी रेडियो पाकिस्तान ने बताया कि फंसे हुए लोगों को एक छोटी चेयरलिफ्ट के जरिए भोजन और पेय पदार्थ की आपूर्ति की जा रही है।
‘डॉन न्यूज’ पोर्टल की खबर के अनुसार, शाम करीब 4:45 बजे प्रसारित टेलीविजन फुटेज में एक बचावकर्मी चेयरलिफ्ट के बगल में एक ‘स्लिंग’ से लटका हुआ दिखा।
इसमें कहा गया है कि क्षेत्र में तेज़ हवाओं के कारण बचाव अभियान जटिल है, साथ ही हेलीकॉप्टर के ‘रोटर ब्लेड’ से लिफ्ट और भी अस्थिर हो सकती है।
चेयरलिफ्ट ऊंचे पहाड़ों और चट्टानों से घिरी गहरी खाई के बीच फंसी हुई है। झांगरी नदी इसके नीचे बहती है।
इससे पहले, पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तान वायुसेना के दो हेलीकॉप्टर बचाव अभियान के लिए घटनास्थल पर पहुंचे। चेयरलिफ्ट की ओर बढ़ने के दो प्रयास किए गए।
अल्लाई के सहायक आयुक्त जवाद हुसैन के अनुसार, स्थानीय प्रशासन ‘रेस्क्यू 1122’ टीम के साथ मौके पर मौजूद है, लेकिन अधिक ऊंचाई और पहाड़ी इलाका होने के कारण बचाव अधिकारियों के लिए राहत अभियान चलाना संभव नहीं था।
वहीं चेयरलिफ्ट में फंसे 20 वर्षीय गुलफराज ने ‘जियो न्यूज’ को फोन पर बताया कि उनके पास चेयरलिफ्ट में पीने का पानी भी नहीं है। उसने बताया कि हृदय रोग से पीड़ित 16 वर्ष का एक किशोर पिछले तीन घंटे से बेहोश है। गुलफराज ने बताया कि किशोर चेयरलिफ्ट से अस्पताल जा रहा था। गुलफराज ने कहा कि पहला तार सुबह सात बजे टूटा जबकि उसके तुरंत बाद दूसरा तार टूट गया। उन्होंने कहा कि यात्री सुबह से ही मदद का इंतजार कर रहे हैं।
इस बीच, अधिकारियों को चेयरलिफ्ट में फंसे सभी लोगों को बचाने का निर्देश देते हुए, अंतरिम प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकड़ ने राष्ट्रीय और प्रांतीय आपदा प्रबंधन अधिकारियों को सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करने के लिए कहा और पहाड़ी क्षेत्रों में केबल कार के लिए सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘बट्टग्राम, खैबर पख्तूनख्वा में चेयरलिफ्ट दुर्घटना वास्तव में चिंताजनक है।’’
‘डॉन’ समाचारपत्र की खबर के अनुसार, स्थानीय स्कूल शिक्षक जफर इकबाल ने बताया कि इलाके में सड़क सुविधा की कमी के कारण हर दिन कम से कम 150 छात्र केबल कार से स्कूल तक खतरनाक सफर करते हैं।
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