विदेश की खबरें | पाकिस्तान : खैबर पख्तूनख्वा की सरकार का तालिबान से समझौता करने से इनकार
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

पेशावर, 20 अक्टूबर पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा सूबे की सरकार ने बृहस्पतिवार को उन खबरों का खंडन किया जिसमें कहा गया था कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के साथ वह समझौते तक पहुंच गई है।

सूबे की सरकार ने साथ ही तालिबान के नेतृत्व से कहा कि वह अपने लड़ाकों को वापस अफगानिस्तान बुला ले।

खैबर पख्तूनख्वा (केपीके) के मुख्यमंत्री मेहमूद खान के विशेष सूचना सहायक बैरिस्टर मुहम्मद अली सैफ ने संवाददाताओं को बताया कि मुख्यमंत्री स्वात जिले में तालिबानी चरमपंथियों के दोबारा सक्रिय होने के बाद उत्पन्न स्थिति की व्यक्तिगत तौर पर निगरानी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री खान ने संकल्प लिया है कि वह सुरक्षा एवं जिले की कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं करेंगे।

सैफ ने कहा कि केपीके सरकार ने हाल में टीटीपी के स्थानीय कमांडरों के साथ सूबे में आतंकवाद को खत्म करने के लिए बैठक की थी। उन्होंने कहा कि इस बातचीत से सोशल मीडिया पर ऐसा संदेश गया कि सरकार चरमपंथी समूह के साथ मलकंद मंडल के कुछ हिस्से और पूर्व फाटा (संघीय प्रशासित जनजातीय क्षेत्र) को तालिबान को सौंपने को तैयार हो गई है।

सैफ ने जोर देकर कहा कि सोशल मीडिया पर आ रही सूचना गलत है और आतंकवादी संगठन के साथ कोई समझ नहीं बनी है, जो पूरे पाकिस्तान में शरिया कानून लागू करने की मांग कर रहा है।

उन्होंने कहा कि टीटीपी के साथ बातचीत संविधान की सीमा और देश के कानून के तहत हुई और अबतक आतंकवादी समूह के साथ कोई समझौता नहीं हुआ है।

एक सवाल के जवाब में अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार सूबे में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए किसी भी हद तक जाएगी।

इससे पहले स्वात से खबर आई थी कि टीटीपी के 300 से 400 आतंकवादियों ने अपने शिविर बना लिये हैं जिनका स्थानीय लोग पुरजोर तरीके से विरोध कर रहे हैं।

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