जरुरी जानकारी | गत्ते के पैकिंग डिब्बे बनाने वाले महंगे कच्चे माल से हलकान

कोलकाता, 29 नवंबर कॉरगैटेड कागज या गत्ते के डिब्बे बनाने वाले उद्योग को कच्चे माल की कीमतों में भारी तेजी के चलते संकट का सामना करना पड़ रहा है।

उद्योग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि कच्चा माल 30-35 प्रतिशत तक महंगा हो गया है।

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भारत में इस समय गत्ते बनाने की 350 स्वचालित कंपनियां हैं, जबकि 10,000 से अधिक अर्ध-स्वचालित हैं और यह उद्योग करीब चार लाख लोगों को प्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष रूप से रोजगार देता है।

फेडरेशन ऑफ कॉरगैटेड बॉक्स मैन्युफैक्चर्रस ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मिलन कुमार डे ने कीमतों में बढ़ोतरी के लिए कागज मिलों को जिम्मेदार ठहराया।

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उन्होंने कहा कि मिलों का दावा है कि उनके पास लुगती की भारी कमी है, क्योंकि कोविड-19 के चलते यूरोप और अमेरिका में बेकार कागज का संग्रह नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने कहा कि हालांकि मिलों के दावों में संदेह है क्योंकि बेकार कागज की कीमतों में उतनी बढ़ोतरी नहीं हुई है, जितना की मिलों ने कॉरगैटेड कागज की कीमत बढ़ा दी है।

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