नयी दिल्ली, दो सितंबर इस साल राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित किए गए 30 से ज्यादा अध्यापकों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि कोविड-19 की स्थिति सामान्य होने के बाद वास्तविक पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया जाए।
सरकार ने महामारी के कारण इस वर्ष वास्तविक तौर पर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित नहीं कर ऑनलाइन कार्यक्रम करने का फैसला किया है।
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शिक्षकों ने कहा कि अध्यापकों के लिए पुरस्कार जीवन भर की उपलब्धि होती है और वे चाहते हैं कि इसे उनकी जिंदगी के एक बेहतरीन लम्हें के तौर पर रिकॉर्ड किया जाए।
शिक्षा के क्षेत्र में अध्यापकों की उपलब्धि को सम्मान देने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय हर साल शिक्षकों को पुरस्कार के लिए चुनता है जबकि राष्ट्रपति पांच सिंतबर को शिक्षक दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में पुरस्कारों का वितरण करते हैं।
राष्ट्रपति को लिखे पत्र में शिक्षकों ने कहा, " हमें इस बात की फिक्र है कि हम आपसे रु-ब-रू नहीं मिल पाएंगे। राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित होना, एक शिक्षक के लिए जीवन भर की उपलब्धि होती है।"
पत्र में कहा गया है, " हम राष्ट्रपति के हाथों से यह पुरस्कार प्राप्त करने के लिए उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं और इस क्षण को हमारे जीवन के सबसे अच्छे लम्हों में से एक के रूप में दर्ज करना चाहते हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री के साथ वार्तालाप हमारे लिए सुनहरा मौका होता है। हमें इस बात की जानकारी है कि हमें अपने जीवन में फिर कभी यह मौका नहीं मिलेगा।"
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