नयी दिल्ली, 30 मार्च मोबाइल फोन के खुदरा विक्रेताओं के संगठन ने टाटा समूह की कंपनी क्रोमा के कीमत संबंधी कथित 'भ्रामक विज्ञापन' के खिलाफ जांच के लिए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) से संपर्क किया है।
इस मामले में प्रतिक्रिया के लिए क्रोमा को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला।
देश में 1.5 लाख मोबाइल फोन विक्रेताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (एआईएमआरए) ने एक समाचारपत्र में प्रकाशित क्रोमा के विज्ञापन को लेकर सीसीपीए की मुख्य आयुक्त निधि खरे को पत्र लिखा है।
एआईएमआरए के संस्थापक चेयरमैन कैलाश लख्यानी ने कहा, "यह पत्र सीसीपीए से एक मजबूत और जरूरी अपील है कि वह महाराष्ट्र में टाटा समूह की कंपनी क्रोमा की तरफ से 27 मार्च, 2025 को मराठी दैनिक समाचार पत्र 'लोकमत' में प्रकाशित एक बेहद भ्रामक विज्ञापन की तुरंत जांच करे।"
पत्र में कहा गया है कि इस विज्ञापन में अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के मुकाबले "ऑफर कीमत" को प्रमुखता से कम दिखाया गया है। हालांकि बारीकी से जांच करने पर और उपभोक्ताओं एवं खुदरा विक्रेताओं से मिली जानकारी के मुताबिक ये विज्ञापित कीमतें अक्सर कई छिपे हुए नियमों एवं शर्तों के अधीन होती हैं।
एआईएमआरए ने मांग की है कि उपभोक्ता प्राधिकरण महाराष्ट्र में क्रोमा के स्टोर में विज्ञापित कीमतों और वास्तविक बिक्री मूल्य के बीच विसंगतियों की जांच करे और भ्रामक विज्ञापन प्रथाओं में शामिल होने के लिए टाटा समूह की फर्म के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
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