तिरुवनंतपुरम, आठ जुलाई केरल में सोने की तस्करी मामले में वामपंथी सरकार पर निशाना साधते हुए विपक्षी दलों ने बुधवार को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से इस मामले में उनके कार्यालय के खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर इस्तीफे की मांग की।
हाल ही में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 30 किलोग्राम से अधिक सोने की बरामदगी को लेकर राज्य सरकार विपक्ष के निशाने पर है। इस सोने को राजनयिक सामान में रखकर राज्य में तस्करी कर लाने का प्रयास किया जा रहा था।
यह भी पढ़े | विदेश मंत्रालय का दावा, कुलभूषण जाधव को पुनर्विचार याचिका नहीं दायर करने के लिए पाकिस्तान ने किया मजबूर.
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने संवाददाताओं से कहा,‘‘मुख्यमंत्री का कार्यालय संदेह के घेरे में है। मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए और जांच का सामना करना चाहिए। केरल डेमोक्रेटिक फ्रंट ने इस्तीफे की मांग की है और हम सभी ने कोविड-19 मानकों का पालन करते हुए राज्य में व्यापक विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है।’’
कांग्रेस और भाजपा द्वारा निशाना बनाए जाने पर मंगलवार को वाम सरकार ने मुख्यमंत्री के सचिव और आईटी प्रमुख सचिव एम शिवशंकर को पद से हटा दिया।
विपक्ष ने आईटी विभाग की एक महिला अधिकारी की नियुक्ति को लेकर उन पर निशाना साधा था।
विपक्ष का आरोप था कि यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जब्त किया गया तीस किलोग्राम सोना “राजनयिक सामान” के जरिये लाया गया था और इस संबंध में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की पूर्व कर्मचारी एक महिला की भूमिका की जांच की जानी चाहिए।
सीमा शुल्क विभाग ने इस मामले में सोमवार को एक आरोपी को गिरफ्तार किया था और उस महिला की तलाश की जा रही है जिसने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन स्पेस पार्क में संपर्क अधिकारी के तौर पर छह महीने तक काम किया था।
महिला के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में काम करने की खबर सामने आने के बाद विपक्षी दलों भाजपा और कांग्रेस दोनों ही मुख्यमंत्री के खिलाफ लामबंद हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY