ताजा खबरें | रास में विभिन्न मुद्दे उठाने के लिए विपक्षी सदस्यों का हंगामा, शून्यकाल बाधित
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. राज्यसभा में बृहस्पतिवार को कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों ने उच्च अदालतों की नियुक्तियों में सरकार के कथित हस्तक्षेप और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग एवं अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए दिए गए उनके कार्यस्थगन के नोटिस खारिज किए जाने के बाद जमकर हंगामा किया।
नयी दिल्ली, 15 दिसंबर राज्यसभा में बृहस्पतिवार को कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों ने उच्च अदालतों की नियुक्तियों में सरकार के कथित हस्तक्षेप और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग एवं अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए दिए गए उनके कार्यस्थगन के नोटिस खारिज किए जाने के बाद जमकर हंगामा किया।
हंगामे के कारण शून्यकाल के दौरान सदन की कार्यवाही 15-15 मिनट के लिए दो बार स्थगित कर दी गई।
सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही आरंभ हुई, उपसभापति हरिवंश ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसके बाद उन्होंने कहा कि उन्हें कुछ सदस्यों ने नियम 267 के तहत नोटिस दिए हैं।
उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा, कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, अखिलेश प्रसाद सिंह, एल हनुमंथैया, जेबी मेथर और सैयद नासिर हुसैन तथा शिव सेना की प्रियंका चतुर्वेदी ने उच्च अदालतों की नियुक्तियों में सरकार के कथित हस्तक्षेप, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग, किसानों के आंदोलन से उत्पन्न स्थिति सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए नोटिस दिए हैं।
हालांकि उपसभापति ने सभी नोटिस अस्वीकार कर दिए।
इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान सत्ताधारी दल के कुछ सदस्य भी अपने स्थानों पर खड़े होकर कुछ कहने का प्रयास करने लगे।
उपसभापति ने शून्यकाल के लिए भारतीय जनता पार्टी के विप्लब कुमार देब का नाम पुकारा लेकिन उन्होंने आसन से आग्रह किया कि बिहार के सदस्य किसी मुद्दे पर अपनी बात रखना चाहते हैं, लिहाजा पहले उन्हें बोलने का मौका दिया जाए।
उपसभापति ने हंगामा कर रह सदस्यों से शांत रहने की अपील की लेकिन उनकी अपील का असर नहीं हुआ। हंगामे के कारण 11 बजकर 18 मिनट पर उन्होंने सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए 11 बजकर 33 मिनट तक स्थगित कर दी।
इसके बाद जब दोबारा सदन की कार्यवाही आरंभ हुई तो वही स्थिति थी।
विपक्षी दल अपने अपने मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग को लेकर हंगामा कर रहे थे वहीं बिहार से भाजपा के सदस्य अपने किसी मुद्दे को उठाने देने का मौका दिया जाने की मांग कर रहे थे।
हरिवंश ने सदस्यों से कहा कि शून्यकाल बहुत महत्वपूर्ण हैं और इसे चलने दिया जाए। अपनी बात का कोई असर न होता देख उन्होंने 11 बजकर 36 मिनट पर बैठक पुन: 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 15, 2022 12:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

