नयी दिल्ली, चार मई भारत ने "अच्छे आतंकवाद और बुरे आतंकवाद" के बीच कोई अंतर नहीं होने की बात को रेखांकित करते हुए कहा है कि ऑनलाइन कट्टरपंथ वैश्विक सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है।
फ्रांस के ल्योन में नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के प्रमुखों के हाल ही में संपन्न 19वें इंटरपोल सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक प्रवीण सूद ने संगठित अपराध, आतंकवाद और चरमपंथी विचारधाराओं के बीच साठगांठ से उत्पन्न चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
सूद ने कहा कि ऑनलाइन कट्टरपंथ वैश्विक सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है।
उन्होंने स्पष्ट रूप से सभी प्रकार के आतंकवाद की निंदा की और कहा कि "अच्छे आतंकवाद, बुरे आतंकवाद" के बीच कोई अंतर नहीं किया जा सकता।
सीबीआई द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, इस कार्यक्रम में 136 देशों के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो ने भाग लिया, जिसका प्रतिनिधित्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने किया।
प्रत्येक देश में नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (एनसीबी) इंटरपोल के साथ समन्वय के लिए जिम्मेदार नोडल संगठन है। भारत में, सीबीआई को एनसीबी नामित किया गया है।
इस सम्मेलन का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने के लिए इंटरपोल और एनसीबी के बीच सहयोग को मजबूत करना था।
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