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IND vs ENG: एक बार फिर अपने जन्म स्थान भारत आना चाहते हैं पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मुश्ताक

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मुश्ताक मोहम्मद भारत और इंग्लैंड के बीच एजबेस्टन टेस्ट के चौथे दिन ऐसी टाई पहनकर आए, जिस पर भारतीय ध्वज बना हुआ था, उस देश का तिरंगा जिसे उन्होंने छह साल की उम्र में छोड़ दिया था और उनकी दिल्ली इच्छा एक बार फिर से भारत आने की है. इस 81 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर का जन्म गुजरात के जूनागढ़ में हुआ था.

IND vs ENG: एक बार फिर अपने जन्म स्थान भारत आना चाहते हैं पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मुश्ताक

लंदन, 8 जुलाई : पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मुश्ताक मोहम्मद भारत और इंग्लैंड के बीच एजबेस्टन टेस्ट के चौथे दिन ऐसी टाई पहनकर आए, जिस पर भारतीय ध्वज बना हुआ था, उस देश का तिरंगा जिसे उन्होंने छह साल की उम्र में छोड़ दिया था और उनकी दिल्ली इच्छा एक बार फिर से भारत आने की है. इस 81 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर का जन्म गुजरात के जूनागढ़ में हुआ था. वह अभी बर्मिंघम में रहते हैं और वहां रहकर खुश हैं लेकिन एक बार फिर से उस स्थान पर जाना चाहते हैं जहां उनका जन्म हुआ था. मुश्ताक जब क्रिकेट खेला करते थे तब दो बार भारत आए थे. वह पहली बार 1961 में टेस्ट श्रृंखला खेलने के लिए और फिर 1978 में अहमदाबाद में दिलीप सरदेसाई लाभार्थ मैच के लिए भारत आए थे.

दोनों ही मौकों पर वह जूनागढ़ जाना चाहते थे, जो एक पूर्व रियासत थी, जहां से वह छह साल की उम्र में कराची चले गए थे. हालांकि अपने व्यस्त कार्यक्रम के कारण वह जूनागढ़ नहीं जा सके थे और दशकों बाद भी यह उनकी अधूरी इच्छा बनी हुई है. वह अब बर्मिंघम में बस गए हैं, लेकिन पाकिस्तानी होने के कारण उनके लिए भारतीय वीजा प्राप्त करना जटिल है और कुछ वर्ष पहले यहां भारतीय उच्चायोग के चक्कर लगाते हुुए उन्हें इसका अनुभव हुआ. वह अपने पुराने मित्र बिशन सिंह बेदी की बेटी की शादी में शामिल होना चाहते थे लेकिन उन्हें समय पर वीजा नहीं मिला. यह भी पढ़ें : Wimbledon 2025: विंबलडन के दौरान यानिक सिनर चोटिल, करवाना होगा ‘एमआरआई स्कैन’

मुश्ताक ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं उस जगह जाना पसंद करूंगा जहां मैं पैदा हुआ. जूनागढ़ जाने के सबसे करीब मैं तब गया था जब मैंने अहमदाबाद में दिलीप सरदेसाई के लिए मैच खेला था. मैं जूनागढ़ के लिए ट्रेन ले सकता था, लेकिन कार्यक्रम बहुत व्यस्त था. ’’ पंद्रह साल की उम्र में पदार्पण करने के बाद पाकिस्तान के लिए 57 टेस्ट मैच खेलने वाले पूर्व ऑलराउंडर ने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से उसके बाद मैं कभी भारत नहीं जा पाया.’’ मुश्ताक ने के माध्यम से गुजरात से जुड़ाव बनाए रखा है. वह गुजराती को अच्छी तरह समझते हैं लेकिन वह उसे बोल या पढ़ नहीं सकते

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 08, 2025 01:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).