नयी दिल्ली/कोलकाता,16 जून ओडिशा रेल हादसा बचाव अभियान में शामिल रहे राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के 80 जवानों का शुक्रवार को मनोवैज्ञानिक आकलन किया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जवानों का ‘आपदा के बाद मानसिक आघात के कारण तनाव संबंधी विकार’ (पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर) के लिए मनोवैज्ञानिक आकलन किया गया और वे सभी ठीक पाये गये।
एनडीआरएफ में किसी अभियान से लौटने वाले कर्मियों के लिए मनोवैज्ञानिक परामर्श सत्र अनिवार्य रूप से आयोजित किया जाता है।
ये कर्मी ऐसी आपदाओं के बचाव अभियान में शामिल होते हैं, जिनमें लोग गंभीर रूप से चोटिल हो जाते हैं, दर्द से कराह रहे होते हैं और उन्हें शवों को निकालना पड़ता है।
पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में कल्याणी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के विशेषज्ञों ने यह आकलन किया।
एनडीआरएफ ने रेल हादसे के बाद दो जून को बचाव अभियान में अपने ओडिशा स्थित मुंडली और कोलकाता के बटालियन केंद्रों से नौ दलों को तैनात किया था।
एनडीआरएफ के कमांडेंट (दूसरी बटालियन) गुरमिंदर सिंह ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘कल्याणी स्थित एम्स के विशेषज्ञों ने 85 बचाव कर्मियों से बात की, जो बालासोर में ट्रेन दुर्घटना के बाद बचाव अभियान में शामिल थे। प्रारंभिक निष्कर्षों के अनुसार सभी जवान ठीक पाये गये हैं।’’
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