भुवनेश्वर, सात जून ओडिशा सरकार ने ओडिया गौरव का प्रतीक मानी जाने वाली देशभक्ति कविता ‘बंदे उत्कल जननी’ को रविवार को राज्यगान का दर्जा देने का फैसला किया।
संसदीय कार्य मंत्री बिक्रम केशरी अरुखा ने बताया कि कांतकवि लक्ष्मीकांत महापात्र द्वारा लिखी गई कविता को राज्यगान का दर्जा देने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दे दी गई।
उन्होंने कहा, ‘‘ओडिशा के 4.5 करोड़ लोगों के लिए यह ऐतिहासिक दिन है।’’
अब तक इस गीत को अनधिकारिक तौर पर ओडिशा का राज्यगान माना जाता था।
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इस गीत को अब सरकारी समाराहों और विधानसभा सत्रों में बजाया जाएगा।
अरुखा ने कहा समारोहों के दौरान गान के खत्म होने तक लोगों को इसके सम्मान में खड़ा रहना होगा।
शिक्षा विभाग से इस गान को स्कूलों तथा कॉलेजों के पाठ्यक्रम में शामिल करने को कहा गया है।
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