नयी दिल्ली, 10 अगस्त नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने पूंजी बाजार नियामक सेबी के निर्देश पर ‘को-लोकेशन’ सुविधा (ब्रोकरों को एनएसई के डेटा सेंटर में सर्वर रखने की अनुमति) से अर्जित 4,000 करोड़ रुपये की कमाई को अलग रखा है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एनएसई को शेयर बाजार की ‘को-लोकेशन’ सुविधा के मामले में स्वतंत्र बाह्य एजेंसियो द्वारा फोरेंसिंक जांच समेत पड़ताल कराने का निर्देश दिया था।
एक्सचेंज ने मामले की जांच करवाई और रिपोर्ट सेबी को सौंप दी है।
उसके बाद नियामक ने निर्देश दिया था कि लंबित जांच पूरी होने तक ‘को-लोकेशन’ सुविधा से सितंबर 2016 से अर्जित पूरी आय एक अलग खाते में स्थानांतरित की जाए।
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एनएसई ने सात अगस्त को वित्तीय परिणाम की घोषणा करते हुए कहा, ‘‘सेबी के निर्देश पर 30 जून, 2020 को 4,066.78 करोड़ रुपये को अलग खाते में स्थानांतरित किया गया। उसके बाद निदेशक मंडल द्वारा मंजूर निवेश नीति और प्रक्रियाओं के तहत निवेश किया गया।’’
एक्सचेंज ने कहा, ‘‘उसके पास सेबी द्वारा उठाये गये मौद्रिक देनदारी समेत उक्त आदेश के खिलाफ अपील को लेकर उसके पास पूरा आधार है।’’
सेबी का आदेश एनएसई की ‘को-लोकेशन’ सुविधा, डार्क फाइबर प्वाइंट-टू-प्वाइंट कनेक्टिविटी और संचालन एवं संबंधित मामलों से जुड़ा है।
एनएसई को कर बाद लाभ 30 जून, 2020 को समाप्त तिमाही में बढ़कर 706.34 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले 2019-20 की इसी तिमाही में 426 करोड़ रुपये था।
आलोच्य तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 1,257.39 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले 2019-20 की अप्रैल-जून तिमाही में 939.25 करोड़ रुपये थी।
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