नोवेल कोरोना वायरस के जीनोम अनुक्रम का पता लगाएगा इमटेक
जीनोम अनुक्रमण (जीनोम सिक्वेंसिंग) उस प्रक्रिया को कहते हैं जिसकी मदद से किसी विशेष जीव की पूरी डीएनए श्रृंखला का पता लगाया जाता है।
चंडीगढ़, 16 अप्रैल सीएसआईआर-सूक्ष्मजीव प्रौद्योगिकी संस्थान (इमटेक) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने नोवेल कोरोना वायरस सार्स-सीओवी-2 पूरा जीनोम अनुक्रमण तैयार करने का काम शुरू किया है।
जीनोम अनुक्रमण (जीनोम सिक्वेंसिंग) उस प्रक्रिया को कहते हैं जिसकी मदद से किसी विशेष जीव की पूरी डीएनए श्रृंखला का पता लगाया जाता है।
एक अधिकारी ने बताया कि सीएसआईआर-इमटेक ने सीएसआईआर की ही जिनोमिक्स, मेडिसीन और कोशिका विज्ञान में विशेषज्ञता प्राप्त अन्य प्रयोगशालाओं की मदद से देश में सार्स-सीओवी-2 की विभिन्न प्रजातियों का बड़े पैमाने पर जीनोम अनुक्रम तैयार करने की महत्वकांक्षी परियोजना शुरू करने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि सूक्ष्म जीवों और जीनोमिक शोध में विशेषज्ञता रहने की वजह से सीएसआईआर-इमटेक नैदानिक नमूनों से पृथक किए गए सार्स-सीओवी-2 आरएनए जीनोम की श्रृंखला तैयार करेगी।
इन विषाणुओं का जेनेटिक प्रारूप बदलता रहता है।
सीएसआईआर-इमटेक के निदेशक संजीव खोसला ने बताया कि जीनोम अनुक्रम की समस्त जानकारी मिलने से इस वायरस की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए अनुसंधान किए जा सकेंगे। साथ ही यह पता लगाया जा सकेगा कि भारत में उसकी कितनी प्रजातियां फैली हैं।
उन्होंने कहा कि इससे कोविड-19 की पहचान और दवा के लिए नए लक्ष्य भी निर्धारित किए जा सकेंगे।
वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के तहत संचालित इमटेक सूक्ष्मजीव विज्ञान के क्षेत्र में राष्ट्रीय उत्कृष्टता संस्थान है, जिसकी स्थापना 1984 में की गई थी।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 16, 2020 05:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

