जयपुर, 19 अप्रैल राजस्थान में कांग्रेस में जारी खींचतान के बीच प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बुधवार को पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को सख्त संदेश देते हुए कहा कि कोई भी नेता कांग्रेस से ऊपर नहीं है और जो कांग्रेस के खिलाफ बात करे उसे मुंह मत लगाओ।
इसके साथ ही रंधावा ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे पार्टी नेता राहुल गांधी की आवाज बनकर जनता में जायें और राज्य में एक बार फिर कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए जुट जायें ।
वहीं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि राजस्थान कांग्रेस का कार्यकर्ता, पार्टी के खिलाफ बात करने और पार्टी का नुकसान करने वाले किसी व्यक्ति का साथ नहीं देगा।
इन दोनों नेताओं ने यहां पार्टी की एक दिवसीय कार्यशाला में पार्टी विधायकों, पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए यह बात कही।
रंधावा ने कार्यशाला के बाद संवाददाताओं से कहा, '(कार्यशाला में सभी के) हाथ खड़े करवाए गये कि हम (राज्य में) कांग्रेस को दुबारा लेकर आएंगे। जो कांग्रेस के खिलाफ बात करेगा, उसे मुहं मत लगाओ। जो कांग्रेस की बात करेगा उसका स्वागत करो।'
रंधावा के अनुसार उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे राहुल गांधी की आवाज बनकर जनता में जाएं।
साथ ही उन्होंने कहा, ' कोई कांग्रेस से ऊपर नहीं है, लीडर है तो कांग्रेस की वजह से है, सभी नेताओं को कांग्रेस के नीचे काम करना होगा।'
वहीं डोटासरा ने कहा कि पार्टी के सभी नेता व कार्यकर्ता मिलकर चुनाव में जाएंगे, सरकार की योजनाओं का लाभ जनता को मिले यह सुनिश्चित करेंगे। संगठन को और मजबूत करेंगे और सब अनुशासन में रहकर पार्टी आलाकमान के नेतृत्व में 2023 में राजस्थान में कांग्रेस की फिर सरकार बनाएंगे।
डोटासरा ने कहा, 'जो कांग्रेस के खिलाफ बात करेगा, कांग्रेस का नुकसान करेगा उसके साथ कांग्रेस का कार्यकर्ता नहीं है, कांग्रेस पार्टी एक है।'
उल्लेखनीय है कि रंधावा का यह बयान ऐसे समय में आया है जबकि राजस्थान में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामलों में मौजूदा अशोक गहलोत नीत कांग्रेस सरकार द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने के विरोध में पिछले सप्ताह जयपुर में एक दिन का अनशन किया था।
इस बारे में पूछे जाने पर रंधावा ने बुधवार सुबह कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कथित भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर एक दिन का अनशन करने के बजाय इस मुद्दे को विधानसभा में उठाना चाहिए था।
रंधावा ने कहा, ‘‘यह बात विधानसभा में हो सकती थी। उससे बड़ा कोई मंच नहीं है। वहीं विपक्ष था, वहीं मुख्यमंत्री बैठे थे, वहीं कांग्रेस के सभी विधायक थे, वहां पूरी भाजपा थी... वहां बोलना चाहिए था कि हमारी सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आज तक क्या किया । विधानसभा से बड़ा मंच कोई नहीं है।’’
रंधावा ने कहा कि पायलट राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई बहस के दौरान यह मुद्दा उठा सकते थे और मुख्यमंत्री को बहस के जवाब के दौरान इसका भी उत्तर देना पड़ता।
कांग्रेस की एक दिवसीय कार्यशाला से पहले रंधावा ने यहां कहा, ‘‘अनशन करना व्यक्तिगत हो सकता है पर जो पार्टी की बात है, जो मैं कह रहा हूं... विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान हम अपनी बात रख सकते हैं और मुख्यमंत्री को उसका जवाब देना पड़ता है।’’
वहीं पायलट इस कार्यशाला में शामिल नहीं हुए। पिछले सप्ताह एक दिवसीय अनशन के बाद पायलट दूसरी बार पार्टी के किसी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए हैं।
पायलट सोमवार को रंधावा, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ 'वन टू वन' संवाद में भी नहीं आए थे। उनका कहना था कि उनका शाहपुरा (जयपुर) और खेतड़ी (झुंझुनू) में कार्यक्रम तय थे।
अजमेर और जोधपुर संभाग के विधायकों से सोमवार को यहां कांग्रेस के नए कार्यालय (वार रूम) में संवाद किया गया, जिसमें उनसे विधानसभा क्षेत्र की जमीनी स्तर की रिपोर्ट और अन्य फीडबैक मांगा गया। सचिन पायलट टोंक से विधायक हैं, जो अजमेर संभाग के अंतर्गत आता है।
आज की पार्टी कार्यशाला में भी पायलट नहीं आए। उनके कार्यालय के मुताबिक पायलट आज दिल्ली में हैं।
पायलट ने कहा था कि 2013 से 2018 तक कांग्रेस विपक्ष में थी और उसने राज्य में भारतीय जनता पार्टी की तत्कालीन सरकार के भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए थे तथा 2018 के विधानसभा चुनावों में वादा किया था कि अगर कांग्रेस की सरकार बनी तो उन मामलों में कार्रवाई होगी।
पायलट के अनुसार, लेकिन मौजूदा सरकार के चार साल से अधिक के कार्यकाल में, पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार के मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने यहां एक दिन का अनशन किया था।
पार्टी के कुछ विधायकों की बयानबाजी को लेकर रंधावा कहा, ‘‘ये बातें मेरे ध्यान में हैं। मैं करीबी निगाह रखे हुए हूं और जो कांग्रेस के लिए काम कर रहे हैं, जो कांग्रेस के लिए समस्याएं खड़ी कर रहे हैं उनको भी देख रहा हूं। जो कांग्रेस के लिए बिना किसी ओहदे के, बिना किसी लालच के काम कर रहे हैं उनको भी मैं देख रहा हूं।’’
कांग्रेस के एक विधायक द्वारा कुछ मंत्रियों के भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाए जाने पर रंधावा ने कहा, ‘‘इतने विधायक हैं हमारे पास, तो दो चार अगर आलोचना करेंगे तो हम अपने आप में सुधार भी लाएंगे।’’
रंधावा ने कहा, ‘‘हमारा ध्यान इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव पर है। मेरा मुख्य फोकस यही है संगठन को कैसे आगे लेकर जाना है, और कैसे हमें काम करना है।’’
पृथ्वी कुंज
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