नयी दिल्ली, 10 जुलाई केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 संक्रमित एक पत्रकार द्वारा कथित तौर पर की गई आत्महत्या के मामले में एम्स द्वारा की गई जांच में पत्रकार की मौत के पीछे किसी गलत नीयत के होने का प्रमाण नहीं मिला है और न उसके इलाज की प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी पाई गई है।
हर्षवर्धन ने अस्पताल के ट्रोमा सेंटर के चिकित्सा अधीक्षक को तत्काल बदलने का आदेश दिया है।
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मंत्री ने एम्स और जय प्रकाश नारायण एपेक्स ट्रोमा सेंटर के प्रशासन में आवश्यक बदलाव के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का भी निर्देश दिया है।
उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि समिति 27 जुलाई तक अपने सुझाव सौंपेगी।
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तरुण सिसोदिया नामक 37 वर्षीय पत्रकार का यहां स्थित एम्स के ट्रोमा सेंटर में कोविड-19 का इलाज चल रहा था।
सिसोदिया ने छह जुलाई को अस्पताल की चौथी मंजिल से कथित तौर पर छलांग लगा ली थी जिससे उसकी मौत हो गई थी।
इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने जांच के आदेश दिए थे।
शुक्रवार को ट्वीट की एक श्रृंखला में हर्षवर्धन ने कहा कि चार सदस्यीय जांच समिति ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट सौंपी।
उन्होंने ट्वीट किया, “समिति को सिसोदिया की मौत के संबंध में किसी गलत नीयत का पता नहीं चला है। समिति को कोविड-19 के इलाज के प्रोटोकॉल में किसी प्रकार की खामी भी नहीं मिली है।”
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