देश की खबरें | तबलीगी जमात के सदस्यों के खिलाफ अलग-अलग प्राथमिकी रद्द करने में कोई आपत्ति नहीं : पुलिस
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 10 अगस्त पुलिस ने दिल्ली उच्च न्यायालय से सोमवार को कहा कि उसे विभिन्न विदेशियों के खिलाफ अलग-अलग प्राथमिकी को रद्द करने में कोई आपत्ति नहीं है।

ये विदेशी नागरिक यहां तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए थे और ये वीजा मानदंडों का उल्लंघन कर मिशनरी गतिविधियों में कथित तौर पर लिप्त थे और उन्होंने कोविड-19 दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया था।

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विदेशी नागरिकों ने उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द किये जाने का अनुरोध करते हुए याचिकाएं दायर की थीं।

इन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी के समक्ष यह बात कही गई।

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दिल्ली सरकार के स्थायी वकील (आपराधिक) राहुल मेहरा ने कहा कि मामलों के गुण दोष में जाये बगैर उन्हें प्राप्त निर्देशों के आधार वह कह रहे हैं कि जैसा कि इन विदेशियों ने पहली प्राथमिकी में अपना गुनाह पहले ही कबूल कर लिया है, वे इसे आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि अगर उन्हें निचली अदालत वापस जाने के लिए कहा जाता है, तो इससे बोझ बढ़ेगा और उच्च न्यायालय यहीं प्राथमिकी को रद्द कर सकता है।

अलग-अलग याचिकाओं के अनुसार विदेशियों का कहना है कि उन्होंने दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा द्वारा दर्ज प्राथमिकी में अपना दोष पहले ही स्वीकार कर लिया है।

उच्च न्यायालय ने मेहरा से यह बताने को कहा कि क्या इनमें से कुछ याचिकाकर्ताओं के खिलाफ किसी अन्य प्राथमिकी में भी मामला दर्ज किया गया है और मामले को मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।

ये याचिकाकर्ता ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनिशया और श्रीलंका समेत विभिन्न देशों के नागरिक हैं।

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