इंफाल, 21 अप्रैल मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में कोई संकट नहीं है।
सिंह ने पार्टी के तीन विधायकों के प्रशासनिक पदों से इस्तीफा देने के मद्देनजर यहां बुलाई गई प्रदेश भाजपा की बैठक में भाग लेने के बाद यह बात कही।
पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या मणिपुर भाजपा इकाई में कोई संकट है, तो इसके जवाब में उन्होंने कहा, “एक मंत्री ने मुझसे अवकाश मांगा। वे इंदौर गए हैं। तीन का इलाज दिल्ली में चल रहा है। बस इतना ही। पार्टी में कोई संकट नहीं है और सभी ने बैठक में शिरकत की है।”
भाजपा विधायक पाओनम ब्रोजेन बृहस्पतिवार को प्रशासनिक पद से इस्तीफा देने वाले तीसरे विधायक बने। उन्होंने ‘निजी आधार’ पर मणिपुर डेवलपमेंट सोसाइटी की अध्यक्षता छोड़ दी।
इससे पहले, भाजपा विधायक करम श्याम ने सोमवार को पर्यटन निगम मणिपुर लिमिटेड के अध्यक्ष पद से यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि उन्हें ‘‘कोई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है।’’
आठ अप्रैल को, पार्टी के एक अन्य विधायक थोकचोम राधेश्याम ने इसी तरह की शिकायत का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री के सलाहकार पद से इस्तीफा दे दिया।
पूर्वोत्तर राज्य के चार भाजपा विधायक कथित तौर पर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात और अपनी शिकायतों से अवगत कराने के लिए दिल्ली में हैं। इनमें से तीन ने अपने पुराने प्रशासनिक पदों से इस्तीफा दे दिया है।
उनके कदमों से अटकलें लगाई जा रही हैं कि बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में असंतोष पनप रहा है।
हालांकि, पार्टी सूत्रों ने कहा, “शुक्रवार की बैठक राज्य भाजपा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए निर्वाचित विधायकों और पार्टी सदस्यों की एक नियमित सामान्य सभा थी और हाल के राजनीतिक घटनाक्रम के साथ बैठक का समय महज संयोग था।”
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