देश की खबरें | सीमा सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं : राजनाथ

जम्मू, 26 जून रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि भारत स्थापित प्रक्रिया का पालन करते हुए अमेरिका से एमक्यू-9B ड्रोन खरीदेगा और सौदा करने से पहले विनिर्माता कंपनी जनरल एटॉमिक्स द्वारा पेश की गई "न्यूनतम कीमत" की तुलना अन्य देशों से की जाएगी।

पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ गतिरोध के मुद्दे पर सिंह ने एक बार फिर दोहराया कि भारत बातचीत और शांतिपूर्ण तरीके से सीमा मुद्दे का हल करना चाहता है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार देश की सीमा और आत्म-सम्मान के साथ कभी समझौता नहीं करेगी।

रक्षा मंत्री सिंह ने जम्मू में राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन में कहा, "हम कभी भी अपनी सीमाओं की पवित्रता का उल्लंघन नहीं होने देंगे।" उन्होंने कहा कि विवाद के हल के लिए सैन्य और राजनयिक स्तर पर बातचीत चल रही है।

अमेरिका के साथ ड्रोन सौदे के संबंध में सिंह ने कहा कि रक्षा मंत्रालय ड्रोन की खरीद लागत की तुलना जनरल एटॉमिक्स द्वारा अन्य देशों को दी जाने वाली ‘‘न्यूनतम कीमत’’ से करेगा और स्थापित खरीद प्रक्रिया का पालन करके ही अधिग्रहण को अंतिम रूप दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हालिया वाशिंगटन यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका ने ड्रोन सौदे पर मुहर लगाई।

सिंह ने अमेरिका से 31 एमक्यू-9बी ड्रोन की खरीद से जुड़ी कीमत और अन्य शर्तों को लेकर लगाई जा रही अटकलों को खारिज कर दिया।

उनकी इस टिप्पणी से एक दिन पहले, रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि अमेरिका से एमक्यू-9बी ड्रोन खरीद की लागत और विभिन्न शर्तों को अंतिम रूप अभी दिया जााना बाकी है।

मंत्रालय ने सोशल मीडिया के एक हिस्से में आई खबरों को खारिज करते हुए एक बयान में कहा, ‘‘रक्षा मंत्रालय निर्माता कंपनी जनरल एटॉमिक्स द्वारा अन्य देशों को दी जाने वाली सर्वोत्तम कीमत के साथ अधिग्रहण लागत की तुलना करेगा। कार्य प्रगति पर है और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरा कर लिया जाएगा।’’

पूर्वी लद्दाख में गतिरोध के संबंध में, सिंह ने कहा कि चीनी सेना ने पहले से बने प्रोटोकॉल की अनदेखी की और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति को बदलने की एकतरफा कोशिश की।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उन्होंने भारतीय सेना की वीरता और प्रतिबद्धता की सराहना की, जिसने यथास्थिति को बदलने के चीनी सेना (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) के प्रयासों को रोक दिया।

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान का उससे कोई लेना-देना नहीं है और उसने क्षेत्र पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है।

सिंह ने कहा, "भारतीय संसद ने कम से कम तीन प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए हैं जिनमें कहा गया है कि पीओके भारत का हिस्सा है।"

सिंह ने भारत में एफ-414 लड़ाकू जेट इंजन के सह-उत्पादन के लिए अमेरिकी रक्षा प्रमुख जनरल इलेक्ट्रिक एयरोस्पेस और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के बीच समझौते का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा, "इस सौदे के साथ, हम जेट इंजन बनाने वाले चौथे देश हो जाएंगे। ये मेड इन इंडिया इंजन तेजस विमानों में लगाए जाएंगे।"

सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र किया, जिनमें सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाना और रक्षा में आत्मनिर्भरता हासिल करना शामिल है।

उन्होंने आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों को सूचीबद्ध किया। सिंह ने कहा, "भारत आयातित हथियारों पर निर्भर नहीं रहना चाहता। हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा तभी मजबूत होगी जब हम रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भर होंगे।"

उन्होंने कहा, "हमारा मकसद 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' है। हमारे प्रयासों के परिणाम आने लगे हैं। आज, हम टैंक, विमान वाहक, पनडुब्बियां और विभिन्न प्रकार के हथियार बना रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "रक्षा निर्यात 16,000 करोड़ रुपये से भी अधिक हो गया है, जो 2014 से पहले महज 900 करोड़ रुपये था। निर्यात जल्द ही 20,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को छू लेगा।

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