भारतीय सेना ने मीडिया की खबरों को किया खारिज, कहा- गलवान घाटी में झड़प के बाद से सेना का कोई जवान लापता नहीं
भारतीय सेना ने बृहस्पतिवार को उन मीडिया खबरों को खारिज किया कि जिनमें दावा किया गया है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़पों के बाद उसके कई सैनिक लापता है. पैंगोंग त्सो के किनारे दोनों पक्षों के बीच हुए संघर्ष के बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच गत पांच मई से गलवान और पूर्वी लद्दाख के कुछ अन्य क्षेत्रों में गतिरोध बना हुआ है.
नई दिल्ली, 19 जून: भारतीय सेना ने बृहस्पतिवार को उन मीडिया खबरों को खारिज किया कि जिनमें दावा किया गया है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़पों के बाद उसके कई सैनिक लापता है. सेना ने एक बयान में कहा, "यह स्पष्ट किया गया है कि कार्रवाई में कोई भारतीय सैनिक लापता नहीं हैं." इस तरह की खबरें थी कि गलवान घाटी में हिंसक झड़प के बाद चीनी सेना ने भारतीय सेना के कुछ सैनिकों को बंदी बना लिया है. इस झड़प में 20 भारतीय सैन्यकर्मी शहीद हो गये थे. चीन ने हताहतों की संख्या अभी तक जारी नहीं की है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने भी एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि सोमवार को हुई झड़प के बाद से कोई भारतीय सैनिक लापता नहीं हुआ है. भारतीय और चीनी सेनाओं ने गलवान घाटी और इसके आसपास के क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए बृहस्पतिवार को लगातार तीसरे दिन मेजर जनरल-स्तर की वार्ता की.
पैंगोंग त्सो के किनारे दोनों पक्षों के बीच हुए संघर्ष के बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच गत पांच मई से गलवान और पूर्वी लद्दाख के कुछ अन्य क्षेत्रों में गतिरोध बना हुआ है. गतिरोध शुरू होने के बाद से भारतीय सैन्य नेतृत्व ने फैसला किया था कि पैंगोंग त्सो, गलवान घाटी, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी के सभी विवादित इलाकों में चीनी सैनिकों की किसी भी आक्रामक कार्रवाई से पूरी दृढ़ता के साथ निपटा जायेगा.
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 18, 2020 09:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

