देश की खबरें | निजामुद्दीन मरकज : अदालत ने 60 मलेशियाई नागरिकों को सात-सात हजार के जुर्माने के बाद रिहा किया

नयी दिल्ली, नौ जुलाई दिल्ली की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को 60 मलेशियाई नागरिकों को सात-सात हजार रुपये जुर्माना भरने के बाद रिहा कर दिया। एक वकील ने यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि याचिका समझौता प्रक्रिया के अंतर्गत हल्के आरोप स्वीकार करने के बाद अदालत ने उन्हें मुक्त किया।

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मलेशियाई नागरिकों के खिलाफ कोविड-19 के दौरान निजामुद्दीन स्थित मरकज के आयोजन में शामिल होकर वीजा नियमों और सरकारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन समेत अन्य आरोप थे।

उनके वकील ने बताया कि मलेशियाई नागरिकों ने हल्के आरोप स्वीकार करने के बाद याचिका समझौता प्रक्रिया के अंतर्गत कम से कम सजा का अनुरोध किया, जिसके बाद मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट सिद्धार्थ मलिक ने यह आदेश जारी किया।

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विदेशी नागरिकों की ओर से पेश वकील एस हरि ने बताया कि मामले के शिकायतकर्ता लाजपत नगर के उप संभागीय मेजिस्ट्रेट, लाजपत नगर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और निजामुद्दीन के निरीक्षक ने कहा कि उन्हें इन याचिकाओं पर कोई आपत्ति नहीं है, जिसके बाद आरोपी विदेशी नागरिकों को मुक्त कर दिया गया।

याचिका समझौता प्रक्रिया के अंतर्गत आरोपी अपराध स्वीकार करके कम सजा का अनुरोध करता है। सात साल की अधिकतम सजा वाले मामलों में ही याचिका समझौता प्रक्रिया की अनुमति दी जाती है, जहां अपराध के कारण समाज की सामाजिक-आर्थिक स्थिति प्रभावित नहीं होती और अपराध महिला अथवा 14 साल से कम उम्र के बच्चे के साथ नहीं किया गया हो।

इन सभी आरोपियों को 10,000 रुपये के मुचलके पर सात जुलाई को जमानत दे दी गई थी।

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