ताजा खबरें | नीतीश ने विधानसभा चुनाव में सफलता के लिए भाजपा, आप को दी शुभकामनाएं

पटना, 10 मार्च बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर विधानसभा चुनाव में सफलता के लिए भाजपा को बधाई दी। साथ ही उन्होंने और पंजाब विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के लिए आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को शुभकामनाएं दीं।

नीतीश ने बृहस्पतिवार की देर शाम ट्वीट कर कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत पर बधाई एवं शुभकामनाएं। इन प्रदेशों की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी पर विश्वास प्रकट करते हुए भारतीय जनता पार्टी को पुनः मौका दिया है।''

नीतीश कुमार ने मणिपुर विधानसभा चुनाव में छह सीटों पर अपनी पार्टी जदयू की जीत के लिए मणिपुर की जनता को बधाई दी और उनका आभार जताया।

नीतीश ने जदयू के विजयी उम्मीदवारों, समर्पित कार्यकर्ताओं को भी बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विजयी उम्मीदवार पूरी लगन एवं मेहनत से मणिपुर की जनता की सेवा करेंगे, ऐसा मुझे विश्वास है।

उन्होंने पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को मिली सफलता के लिए अरविंद केजरीवाल को भी शुभकामनाएं दी हैं।

इस बीच, उत्तरप्रदेश में चुनावी लड़ाई में पार्टी की सफलता के बाद बिहार विधानसभा की बृहस्पतिवार को कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायकों ने ‘‘जय श्री राम’’ के नारे लगाए।

भाजपा विधायक संजय सरावगी ने अपने प्रश्न को लेकर पूरक प्रश्न पूछने के क्रम में कहा, ''आज तो नरेंद्र मोदी जी का दिन है। बहुत प्रशंसा का दिन है। देश के प्रधानमंत्री को हमलोग बिहार विधानसभा के माध्यम से बधाई देते हैं।''

बिहार विधानसभा के बाहर भाजपा विधायकों ने होली के त्योहार से एक हफ्ते पहले एक-दूसरे के चेहरे पर गुलाल लगाकर खुशी जाहिर की।

ऐसा ही नजारा भाजपा के प्रदेश कार्यालय में भी देखने को मिला जहां मिठाइयां बांटी गईं और प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने आनन-फानन में प्रेस कांफ्रेंस बुलाई।

भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर बचोल, जो हाल ही में वंदे मातरम का पाठ नहीं करने पर मुसलमानों को मताधिकार से वंचित करने की मांग के लिए चर्चा में रहे थे, ने मंत्री व विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी के इस्तीफे की मांग की।

उन्होंने सहनी की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘उन्हें नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।’’

वीआईपी ने भाजपा से बिना तालमेल के उत्तरप्रदेश में 50 से अधिक उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था लेकिन उसका एक भी उम्मीदवार विजयी नहीं हो सका।

मुकेश सहनी 2020 के विधानसभा चुनावों में अपनी ही सीट हार गए थे लेकिन भाजपा के आग्रह पर उन्हें कैबिनेट में शामिल किया गया था। वह उस सीट से विधान परिषद के लिए चुने गए जो भाजपा एमएलसी बिनोद नारायण झा के विधानसभा के लिए चुने जाने पर खाली हुई थी।

इस बीच, मुजफ्फरपुर में स्थानीय भाजपा सांसद अजय निषाद ने भी यह दावा किया कि उनकी पार्टी बोचहां विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेगी, जो वीआईपी के विधायक मुसाफिर पासवान की मृत्यु के बाद खाली हुई है।

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